छत्तीसगढ़

सुशासन के 12 वर्ष: दंतेवाड़ा में पद्मश्री डॉ. बुधरी ताती से मिले वनमंत्री केदार कश्यप; जनजातीय संस्कृति और महिला सशक्तिकरण के योगदान को सराहा

विशेष जनसंपर्क अभियान: ग्राम हीरानार के 'मां शखिनी महिला उत्थान केंद्र' पहुंचे कैबिनेट मंत्री; शॉल-श्रीफल से किया सम्मान, बोले— 'डॉ. ताती का जीवन नई पीढ़ी के लिए मार्गदर्शक'।

दंतेवाड़ा: देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में केंद्र सरकार के सेवा, सुशासन, गरीब कल्याण और राष्ट्र निर्माण के गौरवमयी 12 वर्ष सफलतापूर्व पूर्ण होने के उपलक्ष्य में पूरे देश के साथ-साथ छत्तीसगढ़ में भी एक विशेष जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है। इसी राष्ट्रव्यापी अभियान के अंतर्गत प्रदेश के वन एवं जलवायु परिवर्तन, परिवहन, सहकारिता तथा संसदीय कार्य मंत्री श्री केदार कश्यप दंतेवाड़ा जिले के एक दिवसीय महत्वपूर्ण दौरे पर पहुंचे। मंत्री श्री कश्यप ने सुदूर वनांचल क्षेत्र में स्थित ग्राम हीरानार के ‘मां शखिनी महिला उत्थान केंद्र’ का दौरा किया। वहां उन्होंने बस्तर अंचल का नाम पूरे देश में रोशन करने वाली, पद्मश्री सम्मान से अलंकृत प्रख्यात जनजातीय समाजसेवी एवं महिला सशक्तिकरण की प्रखर अग्रदूत डॉ. बुधरी ताती से आत्मीय भेंट की।

इस गरिमामयी और भावुक मुलाकात के दौरान कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने देश और समाज की थाती पद्मश्री डॉ. बुधरी ताती को सादर शॉल ओढ़ाकर और श्रीफल भेंट कर उनका आदरपूर्वक नागरिक अभिनंदन किया। मंत्री ने डॉ. ताती के साथ जमीन पर बैठकर काफी लंबा समय बिताया, उनके स्वास्थ्य की विस्तृत जानकारी ली और उनका कुशलक्षेम जाना। वनमंत्री ने बस्तर की पारंपरिक जनजातीय संस्कृति, लोक कलाओं, लोक परंपराओं के ऐतिहासिक संरक्षण तथा ग्रामीण अंचल की आदिवासी महिलाओं को आजीविका से जोड़कर आत्मनिर्भर व स्वावलंबी बनाने की दिशा में डॉ. बुधरी ताती द्वारा जीवनपर्यंत किए गए और वर्तमान में भी किए जा रहे उल्लेखनीय व अनुकरणीय कार्यों की भूरि-भूरि सराहना की।

विशिष्ट जनसमूह और मीडिया प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए वनमंत्री केदार कश्यप ने गर्व से कहा कि डॉ. बुधरी ताती ने जनजातीय समाज की समृद्ध और गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत को संजोने के साथ-साथ महिला उत्थान के लिए जो अद्वितीय कार्य किए हैं, वे आज की आधुनिक और आने वाली भावी पीढ़ी के लिए एक सशक्त मार्गदर्शक के रूप में कार्य कर रहे हैं। उनका यह अतुलनीय योगदान और तपस्या न केवल बस्तर अंचल या छत्तीसगढ़ प्रदेश, बल्कि पूरे भारतवर्ष के लिए बेहद गौरव और मान का विषय है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के 12 वर्षों की अभूतपूर्व ऐतिहासिक उपलब्धियों को आम जनता तक ले जाने के इस अभियान के तहत समाज की ऐसी महान और प्रेरणास्रोत विभूतियों से संवाद कर उनके जीवंत अनुभवों व बहुमूल्य मार्गदर्शन को साझा करना एक सौभाग्य की बात है।

अपने इस प्रवास के दौरान मंत्री श्री केदार कश्यप ने ‘मां शखिनी महिला उत्थान केंद्र’ परिसर का भी बारीकी से निरीक्षण किया और वहां संचालित होने वाली विभिन्न सामाजिक और रचनात्मक गतिविधियों की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने केंद्र में उपस्थित स्थानीय जनजातीय महिलाओं द्वारा तैयार की जा रही स्वदेशी आजीविका सामग्रियों, हस्तशिल्प और स्वावलंबन संबंधी कार्यों को देखा और उनकी कड़ी मेहनत की जमकर प्रशंसा की। इस खास मौके पर दंतेवाड़ा जिला प्रशासन के आला अधिकारी, कलेक्ट्रेट और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि तथा भारी संख्या में ग्रामीण महिलाएं व बच्चे उपस्थित रहे। पूरे हीरानार गांव में इस वीवीआईपी दौरे और सम्मान कार्यक्रम को लेकर भारी उत्साह देखा गया।

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