CG Naxal Rehabilitation: नक्सल प्रभावित जिलों के कायाकल्प के लिए सरकार का बड़ा फैसला; अति प्रभावित रहे 50 गांवों को मिलेंगे 1-1 करोड़, गंभीर अपराध से मुक्त बंदियों की होगी रिहाई
गृह मंत्री विजय शर्मा के निर्देश—15 अगस्त तक सभी नक्सल मुक्त गांवों में निकलेगी तिरंगा यात्रा; पुनर्वासित युवाओं को एक महीने में मिलेगी प्रोत्साहन राशि

रायपुर, 11 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने आज मंत्रालय महानदी भवन में पुलिस विभाग की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने बस्तर संभाग सहित राज्य के सभी नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में राहत, पुनर्वास और बुनियादी विकास कार्यों में तेजी लाने के कड़े निर्देश दिए।
गृह मंत्री ने मानवीय और कानूनी दृष्टिकोण अपनाते हुए एक बड़ा फैसला लिया। उन्होंने कहा कि नक्सल मामलों में जेलों में बंद ऐसे आरोपी, जिनके विरुद्ध गंभीर जनहानि या हिंसा के प्रकरण नहीं हैं, उनके मामलों की विधिसम्मत समीक्षा की जाए। ऐसे बंदियों की रिहाई की प्रक्रिया को गति देने के लिए विधि विभाग की सहायता से सरकारी वकीलों और अभियोजन अधिकारियों की एक विशेष टीम बनाई जाएगी। इस प्रकरण वापसी मुहिम की प्रगति की समीक्षा हर सप्ताह संबंधित जिले के पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय में की जाएगी।
अति प्रभावित 50 गांवों का होगा कायाकल्प; मिलेंगे 1-1 करोड़ रुपये
नक्सलवाद के मोर्चे पर पीछे हट चुके और वर्तमान में शांति की ओर बढ़ रहे क्षेत्रों के लिए सरकार ने विशेष बजट का प्रावधान किया है:
नक्सल मुक्त ग्राम प्रस्ताव: जो गांव पूरी तरह नक्सल प्रभाव से मुक्त हो चुके हैं, वहां शासन द्वारा विशेष प्रस्ताव पारित कर 1-1 करोड़ रुपये के विकास कार्य स्वीकृत किए जाएंगे। इससे स्थानीय ग्रामीणों को आजीविका के साधन मिलेंगे और बुनियादी अधोसंरचना मजबूत होगी।
चिन्हित गांव: प्रथम चरण में इसके लिए 50 गांवों का चयन किया गया है। इसमें सबसे संवेदनशील रहे सुकमा जिले के 20 गांव, बीजापुर के 20 गांव और नारायणपुर जिले के 10 गांव शामिल हैं।
15 अगस्त को तिरंगा यात्रा और पीड़ितों को पीएम आवास
गांव-गांव फहरेगा तिरंगा: आगामी 15 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राज्य के सभी नक्सल मुक्त हुए गांवों में भव्य तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी और राष्ट्रध्वज फहराया जाएगा, ताकि ग्रामीणों में राष्ट्रीय एकता और सुरक्षा बलों के प्रति विश्वास सुदृढ़ हो सके।
विशेष आवास लाभ: सभी नक्सल पीड़ित और आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटे पुनर्वासित परिवारों को ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ के विशेष प्रावधानों के तहत प्राथमिकता से पक्का मकान उपलब्ध कराया जाएगा।
सामुदायिक स्मारक: जिन क्षेत्रों में पूर्व में बड़ी नक्सली घटनाएं या शहादत हुई हैं, वहां शहीदों और मृत नागरिकों की स्मृति में सामुदायिक स्मारकों का निर्माण किया जाएगा।
एक महीने के भीतर प्रोत्साहन राशि का भुगतान
पुनर्वास नीति को अधिक व्यावहारिक और पारदर्शी बनाने के लिए गृह मंत्री ने स्पष्ट किया कि आत्मसमर्पण करने वाले युवाओं को घोषित की गई प्रोत्साहन राशि का भुगतान अगले एक महीने के भीतर हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए एक डिजिटल डैशबोर्ड तैयार कर डेटा प्रविष्टि की जाएगी। इसके अलावा, माओवादियों द्वारा विभिन्न हमलों में लूटे गए हथियारों की बरामदगी के लिए पड़ोसी राज्यों के साथ मिलकर एक ‘अंतर्राज्यीय समिति’ बनाई जाएगी, ताकि बस्तर के जंगलों में कोई भी अवैध हथियार न छूट पाए।



