CG Urban Development Mandate: खुले गड्ढों और नालियों पर अब सीधे होगा एक्शन; नगरीय प्रशासन विभाग ने निकायों को जारी किए सख्त निर्देश
बाल अधिकार संरक्षण आयोग की चेतावनी के बाद जागा प्रशासन; बारिश में लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों और अधिकारियों की तय होगी जवाबदेही

रायपुर, 11 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ में बारिश के मौसम के दौरान कॉलोनियों, सड़कों और निर्माणाधीन क्षेत्रों में खुले छोड़े गए गड्ढों और नालियों के कारण होने वाले हादसों को रोकने के लिए राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास छत्तीसगढ़ ने इस संबंध में प्रदेश के सभी नगर पालिका आयुक्तों (Municipal Commissioners) और मुख्य नगर पालिका अधिकारियों (CMO) को एक सख्त मार्गदर्शिका और निर्देश पत्र जारी किया है।
इस त्वरित प्रशासनिक कार्रवाई का मुख्य आधार छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा भेजा गया एक बेहद संवेदनशील पत्र है। आयोग ने अपने पत्र में चिंता जाहिर करते हुए रेखांकित किया है कि कई आवासीय कॉलोनियों में निर्माणाधीन गड्ढे खुले छोड़े गए हैं, सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढे मौजूद हैं, अथवा बारिश के पानी के कारण खुली नालियां दिखाई नहीं देती हैं। इन वजहों से मासूम बच्चे दुर्घटनावश उनमें गिर रहे हैं, जिससे कइयों के जीवन का अंत हो गया है।
कानूनी धाराओं के तहत बच्चों के जीवन की रक्षा सर्वोपरि
नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा जारी आधिकारिक आदेश में साफ कहा गया है कि यह स्थिति बेहद दुःखद, अमानवीय और प्रशासनिक लापरवाही का परिचायक है। बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने इस गंभीर विषय पर संज्ञान लेते हुए बालक अधिकार संरक्षण आयोग अधिनियम 2005 की धारा 13 तथा सहपठित धारा 15 के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग किया है। इन धाराओं के अंतर्गत बच्चों के जीवन के मौलिक अधिकार (Right to Life) की रक्षा करना राज्य की सभी स्थानीय संस्थाओं और निकायों की वैधानिक जिम्मेदारी है।
निकायों को दिए गए ये कड़े निर्देश (प्रमुख बिंदु):
भौतिक सत्यापन और घेराबंदी: सभी नगरीय निकाय अपने-अपने क्षेत्रों में चल रहे निर्माण कार्यों का तुरंत भौतिक सत्यापन करेंगे। जहां भी गड्ढे खुले हैं, उन्हें तत्काल भरा जाए या उनके चारों तरफ मजबूत बैरिकेडिंग और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं।
नालियों की सफाई और कवरिंग: बारिश के मौसम में जलभराव के कारण छिपी हुई नालियों को दुरुस्त किया जाए और उन पर सुरक्षात्मक स्लैब या ढक्कन अनिवार्य रूप से लगाए जाएं।
ठेकेदारों पर कड़ाई: निजी डेवलपर्स या सरकारी ठेकेदारों द्वारा सुरक्षा मानकों की अनदेखी किए जाने पर उनके खिलाफ भारी जुर्माना लगाने और काम रोकने जैसी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस आदेश के बाद भी यदि किसी क्षेत्र में लापरवाही के कारण कोई अप्रिय घटना या जनहानि होती है, तो संबंधित क्षेत्र के जिम्मेदार मुख्य अधिकारी और उप-अभियंता के खिलाफ सीधी अनुशासनात्मक और वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।



