छत्तीसगढ़

Bhoramdev Eco-Tourism: छत्तीसगढ़ के ‘खजुराहो’ भोरमदेव में शुरू हुई 6 किमी लंबी ‘इको ट्रेल’; उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बैगा आदिवासियों को बांटे सोलर लालटेन

कबीरधाम में स्वदेश दर्शन योजना के तहत ₹146 करोड़ से संवरेंगे पर्यटन स्थल; हर शनिवार-रविवार को नेचर गाइड के साथ सुरक्षित वन भ्रमण की मिलेगी सुविधा

कबीरधाम/रायपुर, 11 जुलाई 2026। कबीरधाम जिले के सुप्रसिद्ध भोरमदेव अभ्यारण्य में प्रकृति संरक्षण और पर्यावरण-पर्यटन (इको-टूरिज्म) को एक वैश्विक पहचान देने के लिए उप मुख्यमंत्री एवं वन मंत्री विजय शर्मा ने आज जंगल सफारी परिसर में ‘वन महोत्सव’ और ‘भोरमदेव इको ट्रेल’ का विधिवत शुभारंभ किया। इस ऐतिहासिक मौके पर उप मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों, वन विभाग के मैदानी अमले और स्थानीय ग्रामीणों के साथ स्वयं लगभग 6 किलोमीटर लंबी भोरमदेव इको ट्रेल का पैदल भ्रमण किया और कवर्धा के जंगलों की समृद्ध जैव विविधता, औषधीय वनस्पतियों और प्राकृतिक सुंदरता का जीवंत अनुभव लिया।

पर्यटन से चमकेगी स्थानीय युवाओं की किस्मत: विजय शर्मा

समारोह को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भोरमदेव क्षेत्र की महत्ता पर प्रकाश डाला:

“प्रकृति ने भोरमदेव और कबीरधाम की धरती को अनमोल सुंदरता और घने वनों से नवाजा है। पर्यटन आज दुनिया में सबसे तेजी से रोजगार देने वाला क्षेत्र बन चुका है। भोरमदेव में जंगल सफारी के बाद अब इस 6 किलोमीटर लंबी इको ट्रेल की शुरुआत से देश-दुनिया के पर्यटक यहां खिंचे चले आएंगे। इससे स्थानीय स्तर पर संचालित होने वाले होटलों, वाहनों, हस्तशिल्प, खान-पान और छोटे-बड़े व्यवसायों को भारी बढ़ावा मिलेगा, जिससे वनांचल की स्थानीय अर्थव्यवस्था बेहद मजबूत होगी और आदिवासी युवाओं को ‘नेचर गाइड’ के रूप में स्थाई रोजगार मिलेगा।”

स्वदेश दर्शन योजना: ₹146 करोड़ से राष्ट्रीय स्तर का बनेगा भोरमदेव

विकासात्मक परियोजनाओं की जानकारी देते हुए गृह एवं वन मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार की ‘स्वदेश दर्शन योजना’ के अंतर्गत भोरमदेव क्षेत्र के समग्र पर्यटन ढांचे को बदलने के लिए 146 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि स्वीकृत की गई है। इस बजट से भोरमदेव का भव्य प्रवेश द्वार, सर्वसुविधायुक्त शेड, जनजातीय संग्रहालय, आधुनिक पार्क, व्यवस्थित पार्किंग, पारंपरिक मेला स्थल, ऐतिहासिक छेरकी महल, मड़वा महल, रामचूंआ और सरोदा बांध जैसे प्रमुख दर्शनीय स्थलों का कायाकल्प किया जा रहा है।

इको ट्रेल की खासियतें और शुल्क:

दूरी और समय: यह ट्रेल लगभग 6 किलोमीटर लंबी है, जिसे घने जंगलों के बीच पैदल पूरा करने में पर्यटकों को करीब 3 से 4 घंटे का रोमांचक समय लगेगा।

संचालन: भोरमदेव ईको ट्रेल का संचालन करियाआमा गेट स्थित ईको कैंप से प्रत्येक शनिवार और रविवार को किया जाएगा।

फीस: वन मंडलाधिकारी nikhइला अग्रवाल के अनुसार, ट्रेल के लिए 1,000 रुपये प्रति व्यक्ति का शुल्क निर्धारित किया गया है, जिसमें अनुभवी नेचर गाइड की सुरक्षात्मक सेवाएं शामिल हैं।

बैगा समुदाय को सोलर लालटेन और 1 लाख पौधों का वितरण

वन महोत्सव को यादगार बनाते हुए करिया आमा ग्राम में 51 दुर्लभ काला आम के पौधों का रोपण कर ‘काला आम उपवन’ की नींव रखी गई। इसके साथ ही पूरे कबीरधाम जिले में 50 हजार सीड बॉल (Seed Ball) रोपण महाअभियान और 1 लाख पौधों के वितरण के लिए विशेष ई-रिक्शा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। वन क्षेत्र में रहने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा समुदाय के 100 जरूरतमंद हितग्राहियों को उप मुख्यमंत्री के हाथों सोलर लालटेन और विशेष सुरक्षा जैकेट का वितरण भी किया गया।

कार्यक्रम में उपस्थित रहे गणमान्य नागरिक

इस गौरवशाली वन उत्सव के दौरान छत्तीसगढ़ गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष विशेषर पटेल, छत्तीसगढ़ कृषक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष सुरेश चंद्रवंशी, पुलिस जवाबदेही प्राधिकरण के सदस्य भगत पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, जिला पंचायत सदस्य राम कुमार भट्ट, वीरेन्द्र साहू सहित वन विभाग के आला अधिकारी और हजारों की संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे।

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