Chhattisgarh Cow Protection Movement: गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन; मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का आगाज
कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित गौ सेवा संगम में 1.64 लाख से अधिक छात्रों की सहभागिता पर जताया संतोष; मेधावी विद्यार्थियों को मिले 51 हजार तक के नकद पुरस्कार, बस्तर में एनडीडीबी के सहयोग से डेयरी विकास को नई रफ्तार

रायपुर, 20 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है और जब प्रत्येक परिवार गौसेवा तथा संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान असली जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। मुख्यमंत्री आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। इस विशेष अवसर पर उन्होंने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का विधिवत शुभारंभ किया और पर्यावरण संरक्षण के लिए वृक्षारोपण अभियान से जुड़े एक पोस्टर का विमोचन भी किया।
नई पीढ़ी में सांस्कृतिक और वैज्ञानिक सोच का बढ़ता दायरा
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने नई पीढ़ी की जागरूकता को लेकर महत्वपूर्ण आंकड़े और विचार साझा किए:
1.64 लाख से अधिक छात्रों की भागीदारी: इस वर्ष प्रदेश के स्कूलों और कॉलेजों के 1 लाख 64 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने गौ विज्ञान परीक्षा में भाग लिया। मुख्यमंत्री ने इसे नई पीढ़ी में भारतीय संस्कृति और वैज्ञानिक सोच के विकास का सकारात्मक संकेत बताया।
विजेताओं को बंपर पुरस्कार राशि: मुख्यमंत्री ने परीक्षा के तीनों वर्गों के मेधावी विजेताओं को मंच पर पुरस्कृत किया। परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को 51 हजार रुपये, द्वितीय स्थान वालों को 31 हजार रुपये और तृतीय स्थान प्राप्त करने वालों को 11 हजार रुपये की नकद पुरस्कार राशि प्रदान की गई।
गौशालाओं के चारे के बजट में भारी बढ़ोतरी और सुरभि गौधाम योजना
पशुपालन को आय का सशक्त माध्यम बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने निम्नलिखित घोषणाएं कीं:
सहायता राशि में वृद्धि: पंजीकृत गौशालाओं में प्रति गाय चारे के लिए दी जाने वाली सरकारी सहायता राशि को 20 रुपये से बढ़ाकर 35 रुपये प्रतिदिन कर दिया गया है। इसके साथ ही, ‘सुरभि गौधाम योजना’ के माध्यम से आधुनिक सुविधाओं से युक्त गौधाम विकसित किए जा रहे हैं, जहां पशु चिकित्सक और चरवाहों की पुख्ता व्यवस्था होगी।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर क्षेत्र में नक्सलवाद समाप्त होने के साथ ही पशुपालन आधारित आजीविका को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) के सहयोग से स्थानीय ग्रामीणों को देसी गाय उपलब्ध कराने की योजना चल रही है। सरकार अब इस योजना का विस्तार अन्य इच्छुक पशुपालकों, विशेषकर यादव समाज के लोगों तक भी करने पर विचार कर रही है ताकि दूध उत्पादन में और वृद्धि हो सके।
न्योता भोज और गोबर आधारित उत्पादों से स्वरोजगार
मुख्यमंत्री ने कहा कि नए शैक्षणिक सत्र में शाला प्रवेश उत्सव के साथ ‘न्योता भोज’ जैसी अभिनव पहल चलाई जा रही है, जो समाज को स्कूलों से जोड़ती है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि आज गाय के गोबर और गोमूत्र से अनेक जैविक उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं, जो ग्रामीण उद्यमिता के नए अवसर खोल रहे हैं। सरकार जल्द ही इन उत्पादों के निर्माण और आवश्यक प्रशिक्षण की बड़ी व्यवस्था सुनिश्चित करेगी।
स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार गौ संरक्षण के लिए बड़े पैमाने पर गौ अभ्यारण्य विकसित कर रही है, जहां गौवंश के लिए पर्याप्त चारागाह उपलब्ध कराए जाएंगे। कार्यक्रम में गौ सेवा गतिविधि के अखिल भारतीय संयोजक अजीत महापात्र ने भी विचार रखे और कहा कि यह परीक्षा छात्रों को भारतीय ज्ञान परंपरा से जोड़ने का प्रभावी माध्यम बन रही है।
इस गरिमामय समारोह में छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष राजीव लोचन महाराज, राज्य शिक्षा आयोग के अध्यक्ष सुधीर गौतम, चंद्रशेखर देवांगन, आत्मबोध अग्रवाल, मनोज पांडेय और गोपाल यादव सहित छत्तीसगढ़ राज्य गौ संरक्षण एवं संवर्धन समिति के तमाम पदाधिकारी व बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।



