Chhattisgarh Tourism Strategy 2026: छत्तीसगढ़ पर्यटन विकास को मिलेगी नई रफ्तार; टूरिज्म बोर्ड की 38वीं संचालक मंडल बैठक में तैयार हुआ महारोडमैप
मुख्यालय में भावी योजनाओं और परियोजनाओं की व्यापक समीक्षा; पर्यटन सचिव भारतीदासन और प्रबंध संचालक विवेक आचार्य की मौजूदगी में स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार बढ़ाने पर हुआ मंथन

रायपुर, 20 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ में पर्यटन क्षेत्र के समग्र विकास, वर्तमान योजनाओं की प्रगति और नई पहलों के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल (टूरिज्म बोर्ड) के संचालक मंडल की 38वीं बैठक रायपुर स्थित मुख्यालय में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस उच्च स्तरीय बैठक में लिए गए रणनीतिक फैसले प्रदेश के पर्यटन परिदृश्य को नई दिशा देने वाले साबित होंगे। बैठक की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अध्यक्ष नीलू शर्मा ने की। इस महत्वपूर्ण अवसर पर पर्यटन विभाग के सचिव एस. भारतीदासन (IAS), छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक विवेक आचार्य (IFS), अवर सचिव रुचि शर्मा, उपमहाप्रबंधक पूनम शर्मा और संस्कृति विभाग के संचालक संजय कन्नौजे सहित विभिन्न विभागों के शासकीय सदस्य व अधिकारी उपस्थित रहे।
हरित पहल से शुरुआत और बुनियादी ढांचे का सुदृढ़ीकरण
बैठक के दौरान आधिकारिक कामकाज की शुरुआत से पहले पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया, जिसके तहत निम्नलिखित मुख्य कदम उठाए गए:
पौधा भेंट कर स्वागत: पर्यावरण संरक्षण और हरित पहल के प्रति प्रतिबद्धता जताते हुए प्रबंध संचालक विवेक आचार्य ने पर्यटन बोर्ड के अध्यक्ष नीलू शर्मा और पर्यटन सचिव एस. भारतीदासन को पौधे भेंट किए। उपमहाप्रबंधक पूनम शर्मा ने भी अन्य शासकीय सदस्यों का स्वागत पौधों के साथ किया।
परियोजनाओं की समयबद्ध समीक्षा: बैठक के मुख्य एजेंडे में पर्यटन मंडल द्वारा संचालित विकास परियोजनाओं की समयबद्धता और उनकी गुणवत्ता सुनिश्चित करना शामिल था। पर्यटन अधोसंरचना (Infrastructure) को मजबूत करने और पर्यटक सुविधाओं के विस्तार पर गहन चर्चा हुई।
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रांडिंग की रणनीति
स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार पर जोर:
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध प्राकृतिक, सांस्कृतिक, धार्मिक और जनजातीय पर्यटन संपदा को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जाएगा। इसके लिए व्यापक प्रचार-प्रसार गतिविधियों और नए निवेशों को आकर्षित करने का खाका तैयार किया गया है। पर्यटन को सीधे तौर पर स्थानीय समुदायों के रोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जोड़ने पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है।
संचालक मंडल ने विश्वास जताया है कि इन समन्वित प्रयासों और बुनियादी सुविधाओं के विकास से पर्यटक अनुभव में बड़ा सुधार आएगा। इन निर्णयों के क्रियान्वयन से छत्तीसगढ़ देश के प्रमुख पर्यटन राज्यों की सूची में अपनी विशिष्ट पहचान को और अधिक सशक्त करने में कामयाब होगा।



