Administrative Reforms in Chhattisgarh: ई-ऑफिस और बायोमेट्रिक हाजिरी पर कड़ा रुख; मुख्य सचिव विकासशील ने दिए सभी सरकारी सेवाएं ऑनलाइन करने के निर्देश
मंत्रालय में बुलाई गई सचिवों की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक; नियद नेल्लानार, पीएम सूर्य घर और लोक सेवा गारंटी की प्रगति पर हुई चर्चा, सेवानिवृत्ति की कागजी प्रक्रिया दो साल पहले शुरू करने के आदेश

रायपुर, 21 जुलाई 2026। राज्य शासन के कामकाज को अधिक पारदर्शी, त्वरित और तकनीक-संचालित बनाने के उद्देश्य से मुख्य सचिव विकासशील ने आज मंत्रालय महानदी भवन में सभी प्रमुख विभागों के भारसाधक सचिवों की एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक ली। बैठक के दौरान राज्य सरकार की प्राथमिकता वाली जनकल्याणकारी योजनाओं, प्रशासनिक सुधारों और डिजिटल पहलों की प्रगति की गहन समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने सभी विभागीय प्रमुखों को अपने-अपने विभागों की योजनाओं की निरंतर ग्राउंड मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश जारी किए।
सेवानिवृत्ति प्रकरणों का दो साल पहले से होगा निपटारा
सरकारी कर्मचारियों के हित में एक महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए मुख्य सचिव ने सेवानिवृत्ति (Pension & Retirement) से जुड़ी प्रक्रियाओं को लेकर सख्त निर्देश जारी किए:
प्रशासनिक सुचिता और कर्मचारियों को राहत:
मुख्य सचिव ने कहा कि सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारी-कर्मचारियों के पेंशन व अन्य देयकों के प्रकरणों के निराकरण की कागजी प्रक्रिया उनकी सेवानिवृत्ति तिथि से दो वर्ष पूर्व ही शुरू कर देनी चाहिए। इसके लिए सभी विभागों को सेवानिवृत्त होने वाले कर्मियों की सूची अद्यतन (Update) रखने का आदेश दिया गया है ताकि अंतिम समय में उन्हें भटकना न पड़े।
डिजिटल शासन और प्रमुख योजनाओं की प्रगति पर जोर
बैठक में पारदर्शी शासन व्यवस्था और डिजिटल डिलीवरी को बढ़ावा देने के लिए मुख्य सचिव ने सभी शासकीय सेवाओं और योजनाओं को पूरी तरह से ऑनलाइन करने का आह्वान किया। समीक्षा के दौरान निम्नलिखित प्रमुख योजनाओं व प्रणालियों पर विस्तार से चर्चा की गई:
डिजिटल एवं प्रशासनिक सुधार: ई-ऑफिस प्रणाली, आधार आधारित उपस्थिति (Aadhaar Based Attendance System), लोक सेवा गारंटी अधिनियम, सूचना का अधिकार (RTI) और ई-गजट का प्रभावी कार्यान्वयन।
फ्लैगशिप योजनाएं: नियद नेल्लानार योजना, सुघ्घर छत्तीसगढ़, पीएम प्रगति पोर्टल, ई-प्रगति, सेवा सेतु, पीएम सूर्य घर मुफ़्त बिजली योजना और ग्रामीण विकास विभाग की बुनियादी ढांचा परियोजनाएं।
क्षमता निर्माण (iGOT): आई-गॉट (iGOT Karmayogi) पोर्टल के तहत अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए विभागवार चिन्हित प्रशिक्षण कार्यक्रमों की लगातार मॉनिटरिंग करने और आवश्यकतानुसार प्रशिक्षण दिलाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में शासन के शीर्ष प्रशासनिक अधिकारी रहे मौजूद
इस उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में राज्य प्रशासन के तमाम शीर्ष अधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, गृह एवं जेल विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारिक सिंह, आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, विधि एवं विधायी विभाग की प्रमुख सचिव सुषमा सावंत, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव शहला निगार शामिल थीं।
इसके अलावा मुख्यमंत्री एवं खनिज विभाग के सचिव पी. दयानंद, लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल, सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव अंकित आनंद, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव एस. भारतीदासन, ऊर्जा विभाग के सचिव सारांश मित्तर, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव भीम सिंह, गृह विभाग के सचिव हिमशिखर गुप्ता, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव रजत कुमार, परिवहन विभाग के सचिव एस. प्रकाश, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव आर. संगीता, कौशल विकास विभाग के सचिव बसवराजु एस., राजस्व विभाग की सचिव शम्मी आबिदी, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुल हक, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के सचिव भुवनेश यादव तथा सुशासन एवं अभिसरण विभाग के संयुक्त सचिव मयंक अग्रवाल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।



