Chhattisgarh Bird Festival: हरेली बर्ड फेस्टिवल में दर्ज हुईं 211 पक्षी प्रजातियां, 33 जिलों में 45 बर्ड वॉक
तीन दिवसीय आयोजन में 1,000 से अधिक लोगों ने लिया हिस्सा, eBird पर 954 चेकलिस्ट के जरिए हुआ पक्षी विविधता का दस्तावेजीकरण

Chhattisgarh Bird Festival: रायपुर, 18 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ में पर्यावरण, प्रकृति और जैव विविधता के संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित हरेली बर्ड फेस्टिवल 2026 का सफल समापन हो गया। 14 से 16 अगस्त तक चले तीन दिवसीय आयोजन में प्रदेश के सभी 33 जिलों में पक्षी अवलोकन गतिविधियां आयोजित की गईं। इस दौरान 1,000 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया और कुल 45 बर्ड वॉक आयोजित किए गए। अभियान का उद्देश्य पक्षियों के संरक्षण के साथ छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक संपदा का वैज्ञानिक दस्तावेजीकरण और इको-टूरिज्म को बढ़ावा देना रहा।
Bird Survey: 954 चेकलिस्ट में 211 प्रजातियों का रिकॉर्ड
हरेली बर्ड फेस्टिवल के दौरान नागरिक विज्ञान के माध्यम से पक्षियों की विविधता का रिकॉर्ड तैयार किया गया। eBird मंच पर प्रदेशभर से कुल 954 चेकलिस्ट दर्ज की गईं, जिनमें 211 पक्षी प्रजातियों का दस्तावेजीकरण हुआ। कोपरा जलाशय, चिच्छा वेटलैंड, बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य, अचानकमार टाइगर रिजर्व और नंदनवन जंगल सफारी सहित कई महत्वपूर्ण वन एवं आर्द्रभूमि क्षेत्रों में पक्षी अवलोकन किया गया। नंदनवन जंगल सफारी में दिव्यांगजनों के लिए विशेष बर्ड वॉक भी आयोजित की गई।
Nature Conservation: पक्षी संरक्षण के साथ आजीविका पर भी जोर
अभियान के दौरान पेंटेड स्टॉर्क, रेड-नेप्ड आइबिस, कॉटन पिग्मी-गूज, इंडियन पैराडाइज-फ्लाईकैचर और ग्रेटर रैकेट-टेल्ड ड्रोंगो जैसी महत्वपूर्ण पक्षी प्रजातियां दर्ज की गईं। आयोजन में स्थानीय समुदायों और स्वयं सहायता समूहों को भी जोड़ा गया। रायपुर जिले के मांढर क्षेत्र में कलश स्वयं सहायता समूह द्वारा संचालित फूड कार्ट स्थानीय आजीविका और संरक्षण गतिविधियों के समन्वय का उदाहरण बना। आयोजन के बाद महत्वपूर्ण आर्द्रभूमियों की नियमित निगरानी, ‘पक्षी मित्र’ नेटवर्क को मजबूत करने और स्कूलों व समुदायों में पर्यावरण जागरूकता बढ़ाने की दिशा में आगे काम किया जाएगा।



