Bastar Tourism: नक्सलवाद की छाया से निकलकर पर्यटन की नई पहचान बना रहा बस्तर, मीडिया की भूमिका अहम
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि बस्तर पर्यटन की नई पहचान बना रहा है। प्राकृतिक सौंदर्य और जनजातीय संस्कृति को देश-दुनिया तक पहुंचाने में मीडिया की भूमिका अहम है।

Bastar Tourism: रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्राकृतिक सौंदर्य, समृद्ध जनजातीय संस्कृति और जैव विविधता से भरपूर बस्तर में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। लंबे समय तक नक्सलवाद के कारण बस्तर की पहचान उसकी वास्तविक खूबसूरती और सांस्कृतिक विरासत के अनुरूप नहीं बन पाई, लेकिन अब क्षेत्र में शांति और विकास का वातावरण बनने से पर्यटन के नए अवसर सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर की बदलती तस्वीर को देश-दुनिया तक पहुंचाने में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका है।
मुख्यमंत्री ने यह बात राजधानी रायपुर स्थित अपने निवास में लेह-लद्दाख के अध्ययन एवं एक्सपोजर विजिट से लौटे पत्रकारों से मुलाकात के दौरान कही। उन्होंने पत्रकारों से उनके भ्रमण के अनुभव सुने और पर्यटन विकास में मीडिया की भूमिका पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर के घने जंगल, जलप्रपात, नदियां, पहाड़ और गुफाएं पर्यटकों को आकर्षित कर सकते हैं। इसके साथ ही यहां की जनजातीय संस्कृति, लोककला, हस्तशिल्प, खान-पान और परंपराएं भी पर्यटन की बड़ी ताकत हैं।
रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा पर्यटन
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर को अब केवल नक्सलवाद से नहीं, बल्कि प्रकृति, संस्कृति, पर्यटन और विकास के लिए पहचाना जाना चाहिए। क्षेत्र में सड़क, संचार, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी सुविधाओं के विस्तार के साथ पर्यटन की संभावनाएं भी बढ़ रही हैं। पर्यटन को बढ़ावा मिलने से होटल, होम-स्टे, परिवहन, स्थानीय खान-पान, गाइड सेवा और हस्तशिल्प जैसे क्षेत्रों में रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
उन्होंने कहा कि इसका सबसे अधिक लाभ स्थानीय युवाओं और महिलाओं को मिल सकता है। बस्तर के हस्तशिल्प, वनोपज और स्थानीय उत्पादों को भी पर्यटन के माध्यम से व्यापक बाजार उपलब्ध कराया जा सकता है।
मीडिया सकारात्मक बदलावों को पहुंचाए देश-दुनिया तक
मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय मीडिया में लंबे समय तक बस्तर की खबरें मुख्य रूप से नक्सलवाद और हिंसा से जुड़ी रहीं, जिससे क्षेत्र की वास्तविक पहचान पीछे छूट गई। अब समय आ गया है कि बस्तर की प्राकृतिक खूबसूरती, संस्कृति और विकास की सकारात्मक कहानियां देश-दुनिया तक पहुंचें।
उन्होंने लेह-लद्दाख का उदाहरण देते हुए कहा कि प्राकृतिक और भौगोलिक विशिष्टताओं वाले क्षेत्रों में व्यवस्थित पर्यटन स्थानीय अर्थव्यवस्था को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। अध्ययन भ्रमण से लौटे पत्रकारों ने भी लेह-लद्दाख में पर्यटन प्रबंधन, स्थानीय संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन आधारित आजीविका से जुड़े अपने अनुभव साझा किए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बस्तर में शांति और विकास को स्थायी स्वरूप देने के साथ पर्यटन को भी विस्तार देने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रयास है कि देश-दुनिया से पर्यटक निर्भय होकर बस्तर आएं, यहां की प्राकृतिक सुंदरता और विशिष्ट संस्कृति को करीब से देखें और बदलते बस्तर का अनुभव लेकर लौटें।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सलाहकार आर. कृष्णा दास, जनसंपर्क आयुक्त रजत बंसल, मुख्यमंत्री के प्रेस अधिकारी आलोक सिंह सहित पत्रकारगण उपस्थित रहे।



