Urban Development Review: ई-बस, पीएम आवास और वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजनाओं की प्रमुख सचिव ने की समीक्षा
30 सितंबर तक आवास पूर्ण करने और नागरिक सुविधाओं के लिए बेहतर योजना बनाने के निर्देश

Urban Development Review: रायपुर, 24 अगस्त 2026। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने मंत्रालय में वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक लेकर विभागीय योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में प्रधानमंत्री ई-बस योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0, स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के तहत प्रस्तावित वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजना और 15वें वित्त आयोग से संबंधित कार्यों की प्रगति पर चर्चा हुई। उन्होंने योजनाओं में जनसुविधा, वित्तीय व्यवहार्यता, समयबद्ध क्रियान्वयन और दीर्घकालिक स्थिरता को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
E-Bus योजना: नागरिकों की सुविधा के अनुसार तैयार होगा रूट प्लान
प्रमुख सचिव ने रायपुर में ई-बसों के संचालन को अधिक सुविधाजनक और जनोपयोगी बनाने के लिए व्यापक रूट प्लान तैयार करने को कहा। उन्होंने बस मार्गों में स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, प्रमुख दर्शनीय स्थल और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों को शामिल करने के निर्देश दिए, ताकि शहर के अलग-अलग हिस्सों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी विकसित हो सके।
उन्होंने प्रस्तावित मार्गों की व्यवहारिकता, यात्रियों के आवागमन और कनेक्टिविटी का सर्वे कराने के साथ पीपीपी मॉडल के आधार पर बस स्टॉप की सूची तैयार करने को कहा। यात्रियों की सुविधा और भुगतान क्षमता को ध्यान में रखते हुए उचित किराया निर्धारित करने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश भी दिए गए।
PM Housing: 30 सितंबर तक निर्माणाधीन आवास पूरे करने का लक्ष्य
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0 के तहत निर्माणाधीन आवासों को 30 सितंबर 2026 तक पूरा करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने नगरीय निकायों में शेष आवासों के लिए साप्ताहिक लक्ष्य निर्धारित कर विशेष अभियान चलाने और निर्माण कार्य को मिशन मोड में पूरा करने पर जोर दिया।
जहां निर्माण की गति धीमी है, वहां जिला प्रशासन और नगरीय निकायों के बीच बेहतर समन्वय कर कार्य में तेजी लाने को कहा गया। हितग्राहियों को निर्माण की वास्तविक प्रगति के आधार पर निर्धारित किस्त की राशि समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।
Waste-to-Energy: वित्तीय व्यवहार्यता पर विशेष जोर
स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के तहत प्रस्तावित वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजनाओं के लिए चिन्हित क्लस्टरों की तकनीकी और वित्तीय व्यवहार्यता की समीक्षा की गई। प्रमुख सचिव ने परियोजनाओं में राज्य सरकार और नगरीय निकायों पर पड़ने वाले संभावित वित्तीय भार का वास्तविक आकलन करने के निर्देश दिए।
बैठक में PPP Model के तहत निजी क्षेत्र की संभावित भागीदारी पर भी चर्चा हुई। निजी भागीदारों की उपलब्धता, निवेश में रुचि और परियोजना से जुड़ी अपेक्षाओं का आकलन कर व्यावहारिक और दीर्घकालिक वित्तीय मॉडल तैयार करने को कहा गया।
15th Finance Commission: विकास कार्यों की बेहतर प्लानिंग पर जोर
प्रमुख सचिव ने 15वें वित्त आयोग से प्राप्त राशि का उपयोग स्थानीय जरूरतों और प्राथमिकताओं के आधार पर करने के निर्देश दिए। उन्होंने सड़क निर्माण एवं उन्नयन के कार्यों को बिखरे रूप में करने के बजाय शहर की समग्र अधोसंरचना और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर योजनाबद्ध तरीके से करने पर जोर दिया।
उन्होंने नगरीय निकायों में Gap Analysis तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि सड़क, नाली, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी कमियों की पहचान की जा सके। इसके आधार पर प्राथमिकता तय कर विकास कार्यों को अधिक प्रभावी और परिणामोन्मुख बनाने पर जोर दिया गया।
बैठक में सूडा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुमित अग्रवाल सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।



