Chhattisgarh Seva Sankalp Abhiyan: जनभागीदारी बढ़ाने पर जोर, कलेक्टरों को सेवा शिविरों में त्वरित समाधान के निर्देश
छत्तीसगढ़ में सेवा संकल्प अभियान को जनभागीदारी का व्यापक माध्यम बनाने के निर्देश दिए गए। कलेक्टरों को सेवा शिविरों, 26 योजनाओं और विभिन्न सेवा गतिविधियों के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश मिले।

Chhattisgarh Seva Sankalp Abhiyan रायपुर, 21 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक चल रहे सेवा संकल्प अभियान की मुख्य सचिव विकासशील ने समीक्षा की। मंत्रालय महानदी भवन से आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंस में उन्होंने सभी जिलों के कलेक्टरों को अभियान को केवल आयोजन तक सीमित न रखते हुए जनभागीदारी, सामाजिक सहयोग और एक-दूसरे की मदद की भावना को मजबूत करने के निर्देश दिए।
26 प्रमुख योजनाओं को शिविरों में किया जाएगा शामिल
मुख्य सचिव ने कहा कि प्रभारी मंत्रियों के मार्गदर्शन में ब्लॉक और तहसील स्तर पर आयोजित होने वाले शिविरों में लोगों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए। इन शिविरों के माध्यम से लोगों की समस्याओं का समयबद्ध निराकरण किया जाए। केंद्र शासन की चिन्हित 26 प्रमुख योजनाओं को भी शिविरों में शामिल करने तथा संभावित हितग्राहियों की जानकारी अद्यतन रखने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टरों को फसल गिरदावरी सर्वे, जल जीवन मिशन और स्वच्छ भारत मिशन की प्रगति पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया।
23 से 25 सितंबर और 2 से 8 अक्टूबर तक सेवा गतिविधियां
सेवा मेरा योगदान के तहत 23 से 25 सितंबर तक सभी जिलों के नगरीय निकाय क्षेत्रों में और 2 से 8 अक्टूबर तक प्रदेशभर में विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इनमें सेवा एवं स्वच्छता, अन्न-वस्त्र दान, विद्या दान, शिक्षा सहयोग, कौशल एवं ज्ञान दान, पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य एवं रक्तदान, अंगदान, देहदान, सामाजिक सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण जैसी गतिविधियां शामिल होंगी।
इन कार्यक्रमों में एनसीसी, एनएसएस, स्वयंसेवकों, स्व-सहायता समूहों, सामाजिक संस्थाओं, युवा संगठनों और ‘मेरा युवा भारत’ सहित अन्य सहयोगी संस्थाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। गतिविधियों की जानकारी फोटो सहित माय भारत पोर्टल पर अपलोड की जाएगी।
अंगदान और देहदान करने वाले परिवारों का होगा सम्मान
मुख्य सचिव ने अंगदान और देहदान करने वाले परिवारों को सम्मानित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अंगदान से लाभान्वित लोगों के परिवारों को भी कार्यक्रमों में शामिल किया जाए और उनके अनुभवों को सामने लाया जाए।
अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए अभियान के बाद भी नियमित कार्यक्रम आयोजित करने पर जोर दिया गया, ताकि अधिक से अधिक लोग इस पहल से जुड़ सकें।
‘एक पेड़ मां के नाम’ के तहत 10 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य
हरित छत्तीसगढ़ अभियान के तहत ‘एक पेड़ मां के नाम’ पहल को शामिल करते हुए स्थानीय प्रजातियों के 10 हजार पौधों के रोपण का लक्ष्य रखा गया है। मुख्य सचिव ने पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी गतिविधियों में व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करने को कहा।
सेवा संकल्प एवं दान उत्सव में होंगे कई कार्यक्रम
23 से 25 सितंबर तक सभी जिलों के नगरीय निकायों में सेवा संकल्प एवं दान उत्सव आयोजित किया जाएगा। इसके बाद 2 से 8 अक्टूबर तक प्रदेशभर में इसका व्यापक आयोजन होगा।
इस दौरान स्वच्छता, अन्न एवं वस्त्र दान, शिक्षा सहयोग, कौशल प्रशिक्षण, जल संरक्षण, जलस्रोतों की सफाई, पर्यावरण संरक्षण, प्लास्टिक विरोधी अभियान, रक्तदान और स्वास्थ्य जांच शिविर लगाए जाएंगे। इसके अलावा महा अन्नदान, गरिमा किट वितरण, बुक ट्री, स्कूल किट और वंचित बच्चों के लिए शिक्षा सहयोग जैसी गतिविधियां भी होंगी।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि दान उत्सव का लाभ अनाथालयों, वृद्धाश्रमों और जरूरतमंद लोगों तक पहुंचे। सामाजिक संस्थाओं और समितियों को भी इन गतिविधियों से जोड़ा जाए। उल्लेखनीय कार्य करने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं को अभियान के समापन पर सम्मानित करने के निर्देश दिए गए।
सेवा सेतु शिविरों में आवेदनों का समयबद्ध निराकरण
सेवा सेतु शिविरों में प्राप्त आवेदनों को व्यवस्थित रूप से दर्ज कर उनकी जांच और समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों से प्रोएक्टिव होकर काम करने और शिविरों को परिणाम आधारित बनाने को कहा गया।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन और लोक सेवा गारंटी से संबंधित लंबित प्रकरणों की भी समीक्षा कर उनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
गिरदावरी सर्वे और जल जीवन मिशन की नियमित निगरानी
मुख्य सचिव ने फसल गिरदावरी सर्वे में शुद्धता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए तहसीलदारों और पटवारियों के काम की लगातार निगरानी करने को कहा।
जल जीवन मिशन के तहत 15 अक्टूबर तक निर्धारित लक्ष्यों के अनुसार नल कनेक्शन देने और उन्हें क्रियाशील करने की प्रगति की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए गए। आवश्यकता पड़ने पर अन्य निर्माण विभागों के उप अभियंताओं की सेवाएं लेने को कहा गया। कलेक्टरों को साप्ताहिक आधार पर जल जीवन मिशन की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों के लक्ष्यों पर भी विशेष ध्यान देने तथा रिपोर्टिंग व्यवस्था को प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया।
कलेक्टरों को नेतृत्व की जिम्मेदारी
मुख्य सचिव ने कलेक्टरों से कहा कि वे अपने-अपने जिलों में अभियान का प्रभावी नेतृत्व करें और बेहतर परिणाम सुनिश्चित करें। अभियान से जुड़ी सभी गतिविधियों और उपलब्धियों को गूगल शीट में व्यवस्थित रूप से दर्ज करने के निर्देश दिए गए, ताकि जिलेवार प्रगति की निगरानी की जा सके।
वीडियो कॉन्फ्रेंस में सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव अविनाश चम्पावत, सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव अंकित आनंद, आयुक्त जनसंपर्क रजत बंसल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल हुए। सभी संभागायुक्त, कलेक्टर और जिला स्तर के संबंधित अधिकारी भी बैठक में मौजूद रहे।



