छत्तीसगढ़

Ravghat Rail Connectivity: दक्षिण छत्तीसगढ़ में विकास को नई रफ्तार, रावघाट तक पहुंची रेल पटरी

दल्लीराजहरा-रावघाट रेल परियोजना के अंतिम 17.5 किमी ताड़ोकी-रावघाट खंड का काम पूरा, दक्षिण छत्तीसगढ़ में रेल कनेक्टिविटी से विकास और आर्थिक गतिविधियों को मिलेगी गति।

Ravghat Rail Connectivity रायपुर, 25 सितंबर 2026। दक्षिण छत्तीसगढ़ को रेल नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। दल्लीराजहरा-रावघाट नई रेल लाइन परियोजना के अंतिम 17.5 किलोमीटर लंबे ताड़ोकी-रावघाट रेल खंड का निर्माण पूरा हो गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसे दक्षिण छत्तीसगढ़ और बस्तर की विकास यात्रा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रावघाट तक रेल कनेक्टिविटी पहुंचने से दूरस्थ क्षेत्रों में आवागमन आसान होगा। इससे लोगों की शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और व्यापार से जुड़े अवसरों तक पहुंच बेहतर होने की उम्मीद है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के प्रति आभार भी जताया।

95 किलोमीटर की परियोजना का अंतिम 17.5 किलोमीटर खंड तैयार

दल्लीराजहरा-रावघाट नई रेल लाइन परियोजना की कुल लंबाई 95 किलोमीटर है। इसके अंतिम 17.5 किलोमीटर लंबे ताड़ोकी-रावघाट खंड का निर्माण पूरा हो चुका है। यह सिंगल लाइन विद्युतीकृत ब्रॉड गेज रेल खंड है। परिचालन शुरू करने की निर्धारित प्रक्रिया के तहत रेलवे सुरक्षा आयुक्त (CRS) द्वारा खंड का निरीक्षण और गति परीक्षण भी किया गया है। इसमें रेल लाइन, पुल-पुलियों, विद्युतीकरण और सिग्नलिंग समेत सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच की गई।

रावघाट तक रेल संपर्क मजबूत होने से क्षेत्र में पर्यटन, निवेश, स्थानीय व्यापार, कृषि और वनोपज आधारित आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है। ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों के लिए बाजारों तक पहुंच आसान होगी तथा रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर विकसित होने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दक्षिण छत्तीसगढ़ में सड़क, रेल और संचार जैसी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार क्षेत्र को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। रावघाट तक पहुंची रेल पटरी से क्षेत्र की दूरियां कम होंगी और लोगों को विकास के अवसरों के और करीब आने में मदद मिलेगी।

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