Feature

Child Health: स्क्रीन टाइम और खराब पोस्चर से बच्चों की रीढ़ पर बढ़ रहा दबाव, डिजिटल डिटॉक्स की ये आदतें अपनाएं

बच्चों में ज्यादा स्क्रीन टाइम और गलत पोस्चर से गर्दन, कंधे और पीठ पर दबाव बढ़ सकता है। जानें डिजिटल डिटॉक्स और सही पोस्चर से जुड़ी जरूरी आदतें।

Child Health News: बच्चों में बढ़ता स्क्रीन टाइम केवल आंखों और नींद को ही प्रभावित नहीं कर रहा, बल्कि लंबे समय तक मोबाइल, टैबलेट या कंप्यूटर का इस्तेमाल करते समय गलत बैठने की आदत भी शरीर के पोस्चर पर असर डाल सकती है। लगातार गर्दन झुकाकर स्क्रीन देखने से गर्दन, कंधे और पीठ की मांसपेशियों पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।

बच्चों को सिखाएं ये डिजिटल डिटॉक्स आदतें

1. स्क्रीन के बीच ब्रेक जरूरी: बच्चों को लगातार लंबे समय तक स्क्रीन देखने के बजाय बीच-बीच में उठकर चलने, स्ट्रेचिंग करने और आंखों को आराम देने की आदत डालें।

2. सही पोस्चर रखें: स्क्रीन इस्तेमाल करते समय पीठ सीधी और कंधे सामान्य स्थिति में रहें। मोबाइल को बहुत नीचे रखकर गर्दन झुकाने से बचें।

3. स्क्रीन की सही ऊंचाई: कंप्यूटर या टैबलेट की स्क्रीन ऐसी ऊंचाई पर रखें कि बच्चे को बार-बार गर्दन नीचे न झुकानी पड़े।

4. बैठने की जगह सही हो: पढ़ाई या ऑनलाइन क्लास के दौरान बच्चे को पर्याप्त सपोर्ट वाली कुर्सी और उचित ऊंचाई वाली मेज का इस्तेमाल कराएं।

5. रोजाना शारीरिक गतिविधि: खेलना, पैदल चलना, साइकिल चलाना और उम्र के अनुसार व्यायाम बच्चों की दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।

6. सोने से पहले स्क्रीन कम करें: रात में स्क्रीन का इस्तेमाल कम करने से बच्चों की नींद की दिनचर्या बेहतर रखने में मदद मिल सकती है।

माता-पिता भी रखें ध्यान

बच्चों को केवल स्क्रीन से दूर करना ही पर्याप्त नहीं है। माता-पिता को खुद भी स्क्रीन इस्तेमाल करने का सही तरीका अपनाना चाहिए, ताकि बच्चे देखकर अच्छी आदतें सीख सकें। अगर बच्चे को लगातार पीठ या गर्दन में दर्द, सुन्नपन, कमजोरी या पोस्चर में स्पष्ट बदलाव दिखाई दे, तो डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट से सलाह लेना उचित है।

Related Articles

Back to top button