Chhattisgarh Transport Record: केदार कश्यप के परिवहन विभाग ने रचा विश्व कीर्तिमान, वरिष्ठजनों की सेवा को मिली वैश्विक पहचान
80 वर्ष से अधिक आयु के सुपर सीनियर सिटीजन को निःशुल्क बस पास की पहल गोल्डन बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकार्ड्स में दर्ज

Chhattisgarh Transport Record रायपुर। छत्तीसगढ़ के परिवहन विभाग की ओर से 80 वर्ष और उससे अधिक आयु के सुपर सीनियर सिटीजन को निःशुल्क बस पास देने की पहल को Golden Book of World Records में विश्व रिकॉर्ड के रूप में दर्ज किया गया है। वरिष्ठ नागरिकों की यात्रा को आसान बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई इस व्यवस्था को मिली वैश्विक पहचान को विभाग ने जनसेवा और सामाजिक सरोकार से जुड़ी उपलब्धि बताया है।
परिवहन मंत्री केदार कश्यप ने इस उपलब्धि पर कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार का उद्देश्य केवल परिवहन सुविधाओं का विस्तार करना नहीं, बल्कि ऐसी व्यवस्था विकसित करना है जिसमें समाज के विभिन्न वर्गों की जरूरत और सम्मान का ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि 80 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों ने अपने अनुभव और परिश्रम से समाज और प्रदेश के विकास में योगदान दिया है। ऐसे में जीवन के इस पड़ाव पर उनकी यात्रा को आसान बनाना सुविधा के साथ सम्मान की अभिव्यक्ति भी है।
“यह रिकॉर्ड वरिष्ठजनों के सम्मान का रिकॉर्ड है”
केदार कश्यप ने विश्व रिकॉर्ड की उपलब्धि को प्रदेश के वरिष्ठ नागरिकों को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि यह केवल परिवहन विभाग की उपलब्धि नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के वरिष्ठजनों के सम्मान से जुड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों का अनुभव समाज की पूंजी है और सरकार जनसुविधाओं का विस्तार संवेदनशीलता के साथ करने का प्रयास कर रही है।
80 वर्ष से अधिक उम्र में मुफ्त बस यात्रा
परिवहन मंत्री ने कहा कि अधिक उम्र में स्वास्थ्य, पारिवारिक और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए यात्रा करना कई बार कठिन हो जाता है। ऐसे में सार्वजनिक परिवहन को वरिष्ठ नागरिकों के अनुकूल बनाना जरूरी है। इसी सोच के तहत छत्तीसगढ़ में 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को यात्री बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा दी जा रही है।
450 गांवों को बस सुविधा से जोड़ने की योजना
परिवहन विभाग की ओर से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन की पहुंच बढ़ाने पर भी काम किया जा रहा है। फरवरी 2026 में विभाग की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए केदार कश्यप ने बताया था कि मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के तहत 69 चयनित मार्गों पर बस संचालन शुरू होने से 450 नए गांव पहली बार यात्री बस सुविधा से जुड़े हैं। वहीं वर्ष 2026-27 में 200 नई बसों के संचालन की कार्ययोजना भी रखी गई है।
वरिष्ठ नागरिकों के लिए निःशुल्क यात्रा की व्यवस्था इसी व्यापक दृष्टिकोण का हिस्सा बताई गई है, जिसमें परिवहन को केवल एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचने का साधन नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, शिक्षा, बाजार, प्रशासन और सामाजिक गतिविधियों से जोड़ने वाली आवश्यक सेवा के रूप में देखा जा रहा है।
तकनीक और सुरक्षा पर भी विभाग का फोकस
परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए तकनीक और सुरक्षा से जुड़े विषयों पर भी विभाग काम कर रहा है। सितंबर 2026 में बस संचालकों के साथ हुई बैठक में ऑनलाइन परमिट, व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस, फिटनेस प्रमाण-पत्र और महिला यात्रियों की सुरक्षा जैसे विषयों पर चर्चा की गई थी।
केदार कश्यप ने कहा कि बदलते समय के साथ परिवहन सेवाओं को तकनीक से जोड़ना जरूरी है। विभाग का प्रयास यात्री सुविधा, सड़क सुरक्षा और पारदर्शिता को समान महत्व देने वाली व्यवस्था विकसित करना है।
बुजुर्गों के साथ महिलाओं और दिव्यांगजनों की सुविधा पर जोर
सुपर सीनियर सिटीजन को निःशुल्क बस पास देने की पहल को विश्व रिकॉर्ड में दर्ज किया जाना नागरिक सुविधा से जुड़ी उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत किया गया है। मंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि विभाग को भविष्य में और बेहतर काम करने के लिए प्रेरित करेगी।
उन्होंने कहा कि परिवहन व्यवस्था में ऐसे सुधारों को आगे बढ़ाया जाएगा, जिससे आम यात्रियों के साथ वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं, दिव्यांगजनों और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी सुविधाएं मिल सकें।
केदार कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसेवा की भावना और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार सेवा, सुशासन और नागरिक सुविधाओं को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि 80 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठजनों को सम्मान के साथ सुगम यात्रा उपलब्ध कराना इसी प्रयास का हिस्सा है।



