Crime News: CAF जवान को बंधक बनाकर मारपीट, 11 लाख के लेन-देन विवाद में स्टाम्प पेपर पर कराए हस्ताक्षर; महिला और ड्राइवर गिरफ्तार
दुर्ग में 11 लाख रुपये के लेन-देन विवाद में CAF जवान विजय शील को कथित तौर पर बंधक बनाकर मारपीट और स्टाम्प पेपर पर जबरन हस्ताक्षर कराने का मामला सामने आया। पुलिस ने महिला और उसके ड्राइवर को गिरफ्तार किया।

Crime News दुर्ग, 14 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (CAF) के एक जवान को कथित तौर पर अगवा कर बंधक बनाने और उसके साथ मारपीट करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि 11 लाख रुपये के पुराने लेन-देन के विवाद में जवान को जबरन अपने साथ ले जाकर एक मकान में बंधक बनाया गया। इस दौरान उसके साथ मारपीट की गई और स्टाम्प पेपर पर जबरन हस्ताक्षर कराए गए। हालांकि, जवान आरोपियों के चंगुल से किसी तरह भाग निकलने में सफल रहा। उसने अपनी लाइव लोकेशन वरिष्ठ अधिकारियों को भेजकर मदद मांगी। मामले में पुलिस ने एक महिला और उसके ड्राइवर को गिरफ्तार किया है।
11 लाख रुपये के लेन-देन को लेकर चल रहा था विवाद
जानकारी के अनुसार, पीड़ित जवान विजय शील रायगढ़ स्थित छठवीं बटालियन में पदस्थ है। जवान और संबंधित महिला के बीच करीब 11 लाख रुपये के पुराने लेन-देन को लेकर विवाद चल रहा था। इसी मामले के सिलसिले में जवान दुर्ग पहुंचा था। आरोप है कि जब वह कोतवाली थाने की ओर जा रहा था, तभी कुछ लोगों ने उसे जबरन अपने साथ ले लिया। इसके बाद उसे पुलगांव थाना क्षेत्र के गोकुल नगर के पास स्थित एक कॉलोनी के मकान में बंधक बनाकर रखा गया।
मारपीट कर स्टाम्प पेपर पर जबरन कराए हस्ताक्षर
आरोप है कि मकान में बंधक बनाए जाने के दौरान जवान के साथ मारपीट की गई और उस पर दबाव बनाकर स्टाम्प पेपर पर हस्ताक्षर कराए गए। इस घटना के बाद जवान किसी तरह आरोपियों के कब्जे से भागने में सफल रहा। उसने अपनी लाइव लोकेशन वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी और मदद मांगी। इसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा और जांच शुरू की गई।
महिला और ड्राइवर गिरफ्तार, पुलिस की जांच जारी
मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक महिला और उसके ड्राइवर को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, पूरा विवाद 11 लाख रुपये के पुराने वित्तीय लेन-देन से जुड़ा बताया जा रहा है। जवान को कथित तौर पर बंधक बनाने, मारपीट करने और जबरन हस्ताक्षर कराने के आरोपों की जांच की जा रही है। पुलिस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल कर रही है।


