जमीन बिक्री में बड़ा फर्जीवाड़ा: आर्मी जवान की जगह दूसरे को खड़ा कर बेची जमीन, 3 साल से फरार आरोपी ईश्वर दास गिरफ्तार
छत्तीसगढ़ के पाटन थाना क्षेत्र का मामला; संयुक्त स्वामित्व वाली कृषि भूमि की धोखाधड़ी में पुलिस ने आरोपी को धर दबोचा

पाटन– छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के पाटन थाना क्षेत्र से जमीन धोखाधड़ी और जालसाजी का एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां संयुक्त स्वामित्व वाली एक कीमती कृषि भूमि को बेचने के लिए भू-माफियाओं ने एक बड़ी साजिश रची। जालसाजों ने जमीन के असली हकदार, जो कि भारतीय सेना (आर्मी) में एक जवान हैं, उनकी गैर-मौजूदगी का फायदा उठाया। आरोपियों ने शासकीय दस्तावेजों में हेरफेर करते हुए आर्मी जवान की जगह किसी अन्य फर्जी व्यक्ति को रजिस्ट्रार कार्यालय में पेश कर दिया और जमीन की अवैध बिक्री कर दी।
इस सनसनीखेज फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद पीड़ित पक्ष की शिकायत पर पाटन थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया था। घटना के बाद से ही इस धोखाधड़ी का मुख्य आरोपी ईश्वर दास कानून की गिरफ्त से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था। पुलिस की टीमें पिछले तीन साल से उसकी तलाश में जुटी हुई थीं, लेकिन वह हर बार पुलिस को चकमा देकर फरार हो जा रहा था। आखिरकार मुखबिर की सटीक सूचना और तकनीकी सर्विलांस की मदद से पुलिस को आरोपी को दबोचने में बड़ी सफलता हाथ लगी है।
पाटन थाना पुलिस ने रविवार को त्वरित कार्रवाई करते हुए फरार आरोपी ईश्वर दास को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद कानूनी औपचारिकताओं को पूरा करते हुए आरोपी को स्थानीय न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि इस जमीन घोटाले में शामिल अन्य सह-आरोपियों और फर्जी पहचान पत्र तैयार करने वाले गिरोह के सदस्यों की भी बारीकी से जांच की जा रही है, ताकि इस पूरे रैकेट का पर्दाफाश किया जा सके।




