छोटी उम्र बड़ा कारनामा: सेटेलाइट निर्माण मिशन तक पहुंची रायपुर की महिमा, अब अंतरिक्ष में चमकेगा छत्तीसगढ़ का नाम
'मिशन शक्तिसैट' के लिए हुआ होनहार छात्रा महिमा राजपूत का चयन— सरकारी अंग्रेजी माध्यम स्कूल की बिटिया अब वैज्ञानिक स्तर पर दिखाएगी अपनी प्रतिभा

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर की एक होनहार बेटी ने अपनी असाधारण प्रतिभा के दम पर न सिर्फ अपने परिवार का, बल्कि पूरे प्रदेश का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। यहाँ के तिलकनगर स्थित शासकीय आदर्श उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय (स्वामी आत्मानंद स्कूल) में पढ़ने वाली छात्रा महिमा राजपूत का चयन देश के बेहद प्रतिष्ठित और महत्वाकांक्षी ‘मिशन शक्तिसैट’ (Mission ShaktiSat) के लिए हुआ है। इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के बाद अब महिमा सेटेलाइट (उपग्रह) निर्माण के इस विशेष मिशन का हिस्सा बनकर अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ का नाम इतिहास के पन्नों में दर्ज कराने जा रही हैं।
‘मिशन शक्तिसैट’ का मुख्य उद्देश्य देश की चुनिंदा और प्रतिभाशाली छात्राओं को अंतरिक्ष विज्ञान, तकनीकी और सेटेलाइट निर्माण की बारीकियों से रूबरू कराना और उन्हें इस क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना है। इस राष्ट्रीय स्तर के अभियान के लिए रायपुर की महिमा राजपूत ने कड़े कॉपिटिशन को पार करते हुए यह मुकाम हासिल किया है। इस मिशन के तहत चुनी गई छात्राओं को देश के जाने-माने अंतरिक्ष वैज्ञानिकों की देखरेख में नैनो-सेटेलाइट बनाने का प्रत्यक्ष व्यावहारिक अनुभव और तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसे बाद में अंतरिक्ष में लॉन्च किया जाना प्रस्तावित है।
महिमा की इस अद्भुत और प्रेरणादायी सफलता से उनके स्कूल, शिक्षा विभाग और पूरे रायपुर शहर में जश्न का माहौल है। स्कूल के शिक्षकों और प्राचार्यों ने महिमा को बधाई देते हुए कहा कि सरकारी स्कूल की छात्रा का इतने बड़े स्पेस मिशन के लिए चुना जाना यह साबित करता है कि यदि सही अवसर और लगन हो, तो प्रदेश की बेटियां किसी भी क्षेत्र में शीर्ष पर पहुंच सकती हैं। मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री ने भी महिमा राजपूत के इस शानदार चयन पर उन्हें और उनके माता-पिता को बधाई दी है और उम्मीद जताई है कि वे भविष्य में एक कुशल अंतरिक्ष वैज्ञानिक बनकर देश की सेवा करेंगी।



