Administration News : एक बार फिर सुर्खियों में महासमुंद कलेक्टर, सॉफ्टवेयर इंजीनियर की नौकरी छोड़ बने अफसर; IAS विनय कुमार लंगेह ने बदल डाली 1140 गांवों की तस्वीर
कोरिया से महासमुंद तक अपने नवाचार और जनभागीदारी से पेश की मिसाल; जल संरक्षण अभियान को मिली राष्ट्रीय पहचान

महासमुंद/रायपुर, 9 अगस्त। छत्तीसगढ़ कैडर के वर्ष 2016 बैच के आईएएस अधिकारी एवं महासमुंद जिले के कलेक्टर विनय कुमार लंगेह अपनी विशिष्ट कार्यशैली, नवाचारों और जनभागीदारी पर आधारित प्रशासनिक पहलों के कारण एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में हैं। सॉफ्टवेयर इंजीनियर की हाई-पेइंग नौकरी छोड़कर सिविल सेवा में आए विनय लंगेह ने कोरिया जिले से लेकर महासमुंद तक कई प्रशासनिक जिम्मेदारियों का कुशलतापूर्वक निर्वहन किया है। उनकी दूरदर्शी सोच और जन-केंद्रित योजनाओं को धरातल पर उतारने की क्षमता ने उन्हें राज्य के अग्रणी और लोकप्रिय अधिकारियों की सूची में खड़ा कर दिया है।
महासमुंद जिले की कमान संभालने के बाद कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने जल संकट से निपटने और भूजल स्तर को सुधारने के लिए एक व्यापक जल संरक्षण जन-अभियान की शुरुआत की। उनके मार्गदर्शन में जिले की 551 ग्राम पंचायतों के अंतर्गत आने वाले 1140 गांवों में जल संरक्षण और संवर्धन के लिए बड़े पैमाने पर सोक पिट, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, चेक डैम निर्माण और तालाबों के जीर्णोद्धार का कार्य कराया गया। देखते ही देखते इस अभियान ने एक जन-आंदोलन का रूप ले लिया, जिसकी सफलता और प्रभावशीलता की सराहना राष्ट्रीय स्तर पर भी की गई है।
जल संरक्षण के अलावा स्वास्थ्य, शिक्षा और कृषि क्षेत्र में भी उन्होंने कई लीक से हटकर पहल की हैं। दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की सुलभता सुनिश्चित करने और प्राथमिक स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए वे खुद मैदानी निरीक्षण करते हैं। जनभागीदारी को प्रशासन की मूल शक्ति मानने वाले आईएएस विनय कुमार लंगेह की इस अनूठी कार्यप्रणाली से न केवल आम जनता का सरकारी तंत्र पर विश्वास मजबूत हुआ है, बल्कि 1140 गांवों के सामाजिक व आर्थिक परिदृश्य में भी सकारात्मक और स्थाई बदलाव देखने को मिल रहा है।



