इलेक्शन कमीशन का नेशनल कॉन्फ्रेंस: मीडिया और संचार अधिकारियों का राष्ट्रीय सम्मेलन संपन्न; छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों के जनसंपर्क अधिकारी हुए शामिल
चुनाव आयोग के IIIDEM संस्थान में जुटे 16 राज्यों के 260 से अधिक अधिकारी; सोशल मीडिया और निष्पक्ष सूचना तंत्र को मजबूत करने पर हुई चर्चा

रायपुर, 4 जुलाई 2026। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में मीडिया, सूचना तंत्र और सोशल मीडिया की भूमिका को और अधिक सुदृढ़ व प्रभावी बनाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। नई दिल्ली स्थित इंडिया इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डेमोक्रेसी एंड इलेक्शन मैनेजमेंट (IIIDEM) में मीडिया एवं संचार अधिकारियों के लिए यह दूसरा एक दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया।
3 जुलाई शुक्रवार को संपन्न हुए इस उच्च स्तरीय सम्मेलन में देश के 16 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के विभिन्न जिलों से आए मीडिया नोडल अधिकारियों, सोशल मीडिया नोडल अधिकारियों, जिला जनसंपर्क अधिकारियों (PROs) तथा राज्य जनसंपर्क विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों सहित 260 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
छत्तीसगढ़ की ओर से रही मजबूत भागीदारी
इस राष्ट्रीय सम्मेलन में छत्तीसगढ़ राज्य की ओर से वरिष्ठ अधिकारियों और मैदानी प्रभारियों ने अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। राज्य का प्रतिनिधित्व करते हुए:
शीर्ष अधिकारी: सहायक मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी और जनसंपर्क विभाग के अपर संचालक सम्मेलन में विशेष रूप से शामिल हुए।
सभी जिलों की मौजूदगी: प्रदेश के सभी 33 जिलों के जिला जनसंपर्क अधिकारी (PRO) इस प्रशिक्षण सह सम्मेलन का हिस्सा बने, ताकि चुनाव के दौरान सूचनाओं के आदान-प्रदान और भ्रामक खबरों (Fake News) पर नियंत्रण की आधुनिक तकनीकों को जमीनी स्तर पर लागू किया जा सके।
सम्मेलन के मुख्य विषय और एजेंडा
दिनभर चले इस गहन सत्र में चुनाव के दौरान मीडिया प्रबंधन, सोशल मीडिया की चुनौतियों और निर्वाचन आयोग के संदेशों को आम जनता तक सटीक रूप से पहुंचाने की रणनीतियों पर विस्तृत चर्चा की गई:
कम्युनिकेशन स्ट्रेटेजी: मतदाताओं को जागरूक करने और मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए आधुनिक संचार माध्यमों के प्रभावी उपयोग पर जोर दिया गया।
सोशल मीडिया मॉनिटरिंग: चुनाव के समय सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों और फेक न्यूज़ से निपटने के लिए नोडल अधिकारियों को तकनीकी रूप से प्रशिक्षित किया गया।
पारदर्शिता और समन्वय: जिला स्तर पर काम करने वाले जनसंपर्क अधिकारियों और निर्वाचन टीम के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने के गुर सिखाए गए, ताकि आम जनता और मीडिया तक समय पर सही जानकारियां पहुंच सकें।
भारत निर्वाचन आयोग के इस आयोजन को आगामी चुनावी तैयारियों और प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।



