छत्तीसगढ़ की पंचायतों के लिए खुला खजाना: 16वें वित्त आयोग से राज्य को मिलेंगे ₹11,664 करोड़; दिल्ली में राष्ट्रीय कार्यशाला में शामिल हुए डिप्टी सीएम विजय शर्मा
ग्रामीण विकास और बुनियादी सुविधाओं को मिलेगी रफ्तार; वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक पांच सालों के लिए जारी हुआ वर्षवार बजट का रोडमैप

नई दिल्ली/रायपुर, 4 जुलाई 2026। देश की राजधानी नई दिल्ली में आयोजित 16वें वित्त आयोग की अनुशंसाओं पर एक दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला संपन्न हुई। इस उच्च स्तरीय कार्यशाला में छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा ने विशेष रूप से शिरकत की।
कार्यशाला में देश के विभिन्न राज्यों के पंचायत मंत्रियों, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों और नीति-निर्माताओं ने भाग लिया। इस दौरान ग्रामीण स्थानीय निकायों (पंचायतों) के वित्तीय सशक्तिकरण, संसाधनों के आवंटन और 16वें वित्त आयोग की अनुशंसाओं को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने को लेकर विस्तृत रोडमैप तैयार किया गया।
इस आयोजन की सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण खबर छत्तीसगढ़ के लिए रही, जहां 16वें वित्त आयोग ने आगामी पांच वर्षों के लिए राज्य के ग्रामीण निकायों को एक भारी भरकम बजट की सौगात दी है।
छत्तीसगढ़ को मिलेंगे 11,664 करोड़ रुपये: जानिए पूरा गणित
कार्यशाला के तकनीकी सत्रों के दौरान 16वें वित्त आयोग द्वारा ग्रामीण स्थानीय निकायों (Rural Local Bodies) के लिए प्रस्तावित अनुदान के आंकड़े साझा किए गए। आयोग की नवीनतम अनुशंसाओं के अनुसार:
कुल बजट: वित्तीय वर्ष 2026-27 से लेकर 2030-31 तक की अवधि में छत्तीसगढ़ को कुल 11,664 करोड़ रुपये का विशाल अनुदान प्राप्त होगा।
बेसिक ग्रांट: कुल राशि में से 9,331 करोड़ रुपये बिना किसी शर्त के बुनियादी विकास कार्यों (Basic Grant) के लिए मिलेंगे।
परफॉर्मेंस ग्रांट: बेहतरीन काम और पारदर्शिता दिखाने पर पंचायतों को 2,333 करोड़ रुपये का परफॉर्मेंस ग्रांट दिया जाएगा।
अंतर-राज्यीय हिस्सेदारी: देश के सभी राज्यों के बीच होने वाले कुल ग्रामीण अनुदान वितरण में छत्तीसगढ़ की हिस्सेदारी 2.68 प्रतिशत तय की गई है।
पांच सालों का वर्षवार आवंटन (Year-wise Allocation):
आयोग द्वारा छत्तीसगढ़ के लिए तय किया गया वार्षिक बजट ढांचा इस प्रकार है:
वर्ष 2026-27: 1,498 करोड़ रुपये (केवल बेसिक ग्रांट)
वर्ष 2027-28: 1,663 करोड़ रुपये (बेसिक) + 248 करोड़ रुपये (परफॉर्मेंस) = 1,911 करोड़ रुपये
वर्ष 2028-29: 1,846 करोड़ रुपये (बेसिक) + 624 करोड़ रुपये (परफॉर्मेंस) = 2,470 करोड़ रुपये
वर्ष 2029-30: 2,049 करोड़ रुपये (बेसिक) + 693 करोड़ रुपये (परफॉर्मेंस) = 2,742 करोड़ रुपये
वर्ष 2030-31: 2,275 करोड़ रुपये (बेसिक) + 768 करोड़ रुपये (परफॉर्मेंस) = 3,043 करोड़ रुपये
पंचायतों की वित्तीय स्वायत्तता और विकास पर जोर
कार्यशाला में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने विभिन्न तकनीकी सत्रों और प्रस्तुतियों (Presentations) का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ का पक्ष रखते हुए स्थानीय निकायों की वित्तीय स्वायत्तता, बेहतर नागरिक सेवा प्रदायगी, पारदर्शिता, जवाबदेही और प्रदर्शन आधारित अनुदान व्यवस्था को अधिक सुदृढ़ बनाने पर जोर दिया।
बदलेगी गांवों की सूरत:
केंद्र से मिलने वाला यह विशाल अनुदान सीधे ग्राम पंचायतों, जनपद और जिला पंचायतों के माध्यम से गांवों में पहुंचेगा। इस राशि का उपयोग ग्रामीण क्षेत्रों में पक्की सड़कों, नालियों, स्वच्छ पेयजल, सामुदायिक भवनों जैसी आधारभूत अधोसंरचना (Infrastructure) के विकास और नागरिक सुविधाओं के विस्तार में किया जाएगा, जिससे बस्तर से लेकर सरगुजा तक ग्रामीण अर्थव्यवस्था को एक नई मजबूती मिलेगी।



