छत्तीसगढ़

शर्मसार करने वाली वारदात: दो मासूम सगी बहनों से दुष्कर्म, 17 वर्षीय नाबालिग पड़ोसी आरोपी गिरफ्तार

छावनी थाना क्षेत्र का मामला; छोटी बच्ची के पेट में दर्द होने पर परिजनों के सामने खुला राज, पुलिस ने आरोपी किशोर को भेजा बाल सुधार गृह

भिलाई/दुर्ग, 3 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के भिलाई शहर से रिश्तों और इंसानियत को तार-तार करने वाली एक बेहद सनसनीखेज वारदात सामने आई है। भिलाई के छावनी थाना क्षेत्र में दो सगी मासूम बहनों के साथ अनाचार का गंभीर मामला प्रकाश में आया है। पीड़िताओं में से एक बच्ची की उम्र महज 7 साल और दूसरी की 9 साल बताई गई है।

इस घिनौने कृत्य को अंजाम देने वाला कोई और नहीं बल्कि उनका पड़ोसी ही है, जो खुद एक 17 वर्षीय नाबालिग (किशोर) है। परिजनों की शिकायत के बाद छावनी थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी किशोर को हिरासत में ले लिया है और उसे बाल सुधार गृह भेज दिया गया है।

बच्ची के पेट और प्राइवेट पार्ट में दर्द होने पर खुला राज

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मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी किशोर ने सूनेपन का फायदा उठाकर दोनों मासूम बहनों को अपने जाल में फंसाया और उनके साथ इस घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। मासूम बच्चियां इस खौफनाक हरकत से इतनी डर गई थीं कि उन्होंने शुरुआत में घर पर किसी को कुछ नहीं बताया।

मामले का खुलासा तब हुआ जब 7 वर्षीय छोटी बच्ची के पेट और प्राइवेट पार्ट में तेज दर्द शुरू हुआ। बच्ची की शारीरिक स्थिति बिगड़ती देख जब मां ने उससे प्यार से पूछताछ की, तब रोते हुए मासूम ने अपनी बड़ी बहन और खुद के साथ पड़ोसी लड़के द्वारा की गई पूरी आपबीती बयां कर दी। अपनी लाड़लियों के साथ हुई इस हैवानियत को सुनकर परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई।

पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज, आरोपी सुधार गृह रवाना

परिजनों ने बिना वक्त गंवाए तुरंत छावनी थाने पहुंचकर मामले की लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई। बच्चों से जुड़े इस बेहद संवेदनशील और गंभीर अपराध को देखते हुए पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आया।

सख्त धाराएं: पुलिस ने आरोपी किशोर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं और पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) के तहत मामला दर्ज किया।

त्वरित गिरफ्तारी: पुलिस की टीम ने दबिश देकर आरोपी 17 वर्षीय किशोर को तत्काल घेराबंदी कर हिरासत में ले लिया।

चूंकि आरोपी कानूनी रूप से नाबालिग (अपचारी बालक) है, इसलिए पुलिस ने उसे किशोर न्याय बोर्ड (Juvenile Justice Board) के समक्ष पेश किया, जहां से उसे आदेशानुसार बाल सुधार गृह (Observation Home) भेज दिया गया है। पुलिस पीड़ितों की काउंसिलिंग और आगे की कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर रही है।

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