छत्तीसगढ़

रायपुर में देर रात से आफत की बारिश, गाड़ियां डूबीं और निगम के दावे हुए फुस्स; बस्तर के बचेली में 3 दिनों से मूसलाधार

बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र से बदला मौसम; भारी बारिश से कई रिहायशी इलाके जलमग्न, धान उत्पादक किसानों को मिली राहत

रायपुर, 5 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ में मानसून की बेरुखी और बारिश की कमी अब पूरी तरह से खत्म होती नजर आ रही है। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हुए कम दबाव के क्षेत्र (Low Pressure Area) के गहरे असर से राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के कई हिस्सों में झमाझम और मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो गया है। जहां एक तरफ इस बारिश ने खेती-किसानी के लिए संजीवनी का काम किया है, वहीं दूसरी तरफ शहरी इलाकों में नगर निगम के मॉनसून पूर्व तैयारियों के बड़े-बड़े दावों की पोल खोलकर रख दी है।

रायपुर में आधी रात से आफत, डूबी गाड़ियां और बस्तियां

राजधानी रायपुर में शनिवार की देर रात से शुरू हुआ मूसलाधार बारिश का सिलसिला रविवार को भी थमने का नाम नहीं ले रहा है। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण शहर के कई प्रमुख मार्ग और रिहायशी इलाके पूरी तरह से जलमग्न हो चुके हैं।

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सड़कों पर समंदर सा नजारा: ड्रेनेज सिस्टम चोक होने के कारण सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया है। कई निचले इलाकों और कॉलोनियों में पानी लोगों के घरों के भीतर तक घुस गया है।

डूब गईं गाड़ियां: सड़कों और घरों के बाहर खड़ी दोपहिया और चार पहिया गाड़ियां आधे से ज्यादा पानी में डूब चुकी हैं। कई वाहन चालकों की गाड़ियां बीच सड़क पर बंद हो गईं, जिसके चलते लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों का साफ कहना है कि नगर निगम ने नालियों की सफाई को लेकर केवल कागजी दावे किए थे, जो इस पहली बड़ी बारिश में ही हवा हो गए।

बस्तर के बचेली में 3 दिनों से अतिभारी बारिश

राजधानी के अलावा बस्तर संभाग में भी मानसून रौद्र रूप दिखा रहा है। बस्तर संभाग के दंतेवाड़ा जिले अंतर्गत आने वाले बड़े बचेली में पिछले तीन दिनों से लगातार भारी से अतिभारी बारिश दर्ज की जा रही है। लगातार हो रही इस बारिश से नदी-नाले उफान पर आ गए हैं और वनांचल के कई अंदरूनी गांवों का संपर्क मुख्य मार्गों से टूट गया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि चक्रवाती सिस्टम के मजबूत होने से बस्तर और दक्षिण छत्तीसगढ़ में आने वाले 24 घंटों में बाढ़ जैसे हालात निर्मित हो सकते हैं।

किसानों के चेहरे खिले, बारिश की कमी हुई दूर

शहरी इलाकों में जलभराव की समस्या के उलट, ग्रामीण और कृषि क्षेत्रों से राहत भरी खबर है। प्रदेश में इस सीजन में अब तक सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई थी, जिससे धान की बुआई और रोपाई का काम प्रभावित हो रहा था। लेकिन पिछले 48 घंटों से हो रही इस व्यापक और मूसलाधार बारिश ने छत्तीसगढ़ में पानी की कमी (Rain Deficit) को काफी हद तक दूर कर दिया है। खेतों में पर्याप्त पानी जमा होने से अन्नदाताओं के चेहरे खिल गए हैं और कृषि गतिविधियों में तेजी आ गई है।

मौसम विभाग ने रायपुर, बस्तर, दुर्ग और बिलासपुर संभाग के कई जिलों के लिए ‘ऑरेंज’ और ‘येलो’ अलर्ट जारी करते हुए लोगों को आकाशीय बिजली (गाज) और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की चेतावनी दी है।

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