छत्तीसगढ़

Strengthening Digital Justice Workshop CG: नए आपराधिक कानूनों से न्याय व्यवस्था में ऐतिहासिक परिवर्तन; ‘स्ट्रेंथिंग डिजिटल जस्टिस’ कार्यशाला में बोले CM विष्णुदेव साय

Digital Justice System Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ बनेगा डिजिटल न्याय प्रणाली में देश का अग्रणी राज्य - मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा; ई-साक्ष्य, ई-समन और न्याय श्रुति से प्रक्रिया होगी पारदर्शी

रायपुर न्यूज़: राजधानी रायपुर में आयोजित ‘स्ट्रेंथिंग डिजिटल जस्टिस’ राज्य स्तरीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि वर्तमान समय की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किए गए नए आपराधिक कानून (भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम) देश की न्याय व्यवस्था में ऐतिहासिक परिवर्तन लेकर आए हैं। इनका मुख्य उद्देश्य आम नागरिक को त्वरित, पारदर्शी और समयबद्ध न्याय दिलाना है।

कार्यक्रम एवं नए कानूनों के मुख्य बिंदु:

डिजिटल और वैज्ञानिक साक्ष्यों को मान्यता: मुख्यमंत्री ने बताया कि नए कानूनों में सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल चैट, ई-रिकॉर्ड और फॉरेंसिक जांच को कानूनी मान्यता मिलने से जांच प्रक्रिया मजबूत हुई है। प्रदेश में 9 नए साइबर थाने शुरू किए गए हैं तथा राज्य के सभी थानों में अब तक 1,97,547 ऑनलाइन एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं।

छत्तीसगढ़ बनेगा अग्रणी राज्य: हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने कहा कि समन्वित प्रयासों से छत्तीसगढ़ नए कानूनों और डिजिटल न्याय प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन में देश का अग्रणी राज्य बनेगा। उन्होंने बताया कि जून माह में जिला न्यायालयों में 9,910 तथा उच्च न्यायालय में 58 मामलों की सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (न्याय श्रुति प्लेटफॉर्म) के माध्यम से की गई।

तकनीकी व्यवस्थाओं का विस्तार: ई-साक्ष्य, ई-समन, सीसीटीएनएस (CCTNS) और इंटर-ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (ICJS) के माध्यम से पुलिस, न्यायपालिका, जेल और अभियोजन के बीच त्वरित डिजिटल समन्वय स्थापित हो रहा है।

समयबद्ध न्याय पर जोर: उपमुख्यमंत्री व गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि ‘वन डेटा, वन एंट्री’ की अवधारणा पर काम करते हुए न्याय प्रक्रिया के डिजिटलीकरण को गति दी जा रही है ताकि निचली अदालत से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक मामले लंबित न रहें।

इस अवसर पर विधि एवं विधायी कार्य मंत्री गजेंद्र यादव, उच्च न्यायालय के न्यायमूर्तिगण, पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम, वरिष्ठ प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी तथा न्यायिक विशेषज्ञ बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

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