निर्माण श्रमिकों के कल्याण हेतु अनेक महत्वपूर्ण निर्णयों को मंडल की बैठक में मिली स्वीकृति, श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन की अध्यक्षता में हुए फैसले
'अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना' से श्रमिकों के 200 बच्चों को मिलेगी निःशुल्क गुणवत्तापूर्ण शिक्षा; 1,000 बच्चों को NEET और JEE की फ्री कोचिंग

रायपुर, 6 अगस्त। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा श्रमिकों और उनके परिवारों के सामाजिक व आर्थिक सशक्तिकरण के लिए लगातार कई महत्वपूर्ण फैसले लिए जा रहे हैं। इसी कड़ी में गुरुवार को नवा रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल कार्यालय में श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन की अध्यक्षता तथा मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह की उपस्थिति में मंडल की पंचम कार्यकाल की 9वीं महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में अधिकारियों को शासन की सभी योजनाओं का लाभ अंतिम पात्र श्रमिक तक त्वरित रूप से पहुंचाने के कड़े निर्देश दिए गए।
बैठक में निर्माण श्रमिकों के बच्चों के उज्ज्वल भविष्य और उच्च शिक्षा को ध्यान में रखते हुए कई ऐतिहासिक प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ‘अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना’ के तहत राज्य के 20 चयनित विद्यालयों में 200 श्रमिकों के बच्चों को कक्षा 6वीं से निःशुल्क गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा ‘अटल करियर निर्माण योजना’ के अंतर्गत 1,000 श्रमिक बच्चों को NEET और JEE जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क कोचिंग देने के प्रस्ताव का भी अनुमोदन किया गया।
इसके साथ ही नवीन सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 के अनुरूप राज्य में श्रमिक कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी और पारदर्शी क्रियान्वयन का निर्णय लिया गया। व्यावसायिक पाठ्यक्रमों जैसे इंजीनियरिंग, मेडिकल और प्रबंधन की पढ़ाई कर रहे श्रमिक बच्चों को दी जाने वाली शैक्षणिक सहायता राशि का एकरूपीकरण (Uniformity) करने का फैसला हुआ, ताकि सहायता वितरण में समानता बनी रहे। बैठक में श्रम विभाग के उप सचिव विपुल गुप्ता, अपर श्रमायुक्त एस.एल. जांगड़े, कल्याण प्रशासक सुनील मिश्रा और मंडल सचिव गिरीश रामटेके सहित केंद्र व राज्य के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।



