छत्तीसगढ़

तेंदूपत्ता संग्राहकों की आर्थिक मजबूती सरकार की प्राथमिकता: वन मंत्री केदार कश्यप ने हितग्राहियों को दी सहायता राशि

दरभा में 5 परिवारों को बांटे 10 लाख रुपये के चेक; 6 महीने में 1,233 प्रकरणों में स्वीकृत हुई 17.90 करोड़ की राशि

जगदलपुर/रायपुर, 11 अगस्त। छत्तीसगढ़ के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने बस्तर वनमंडल के दरभा में आयोजित विशेष कार्यक्रम के दौरान राजमोहिनी देवी तेंदूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना के अंतर्गत हितग्राही परिवारों को आर्थिक सहायता राशि के चेक प्रदान किए। हरेली बर्ड फेस्टिवल एवं विश्व हाथी दिवस 2026 के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में वन मंत्री ने 5 तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों को 2-2 लाख रुपये की दर से कुल 10 लाख रुपये की सहायता राशि के चेक सौंपे। इस मौके पर बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

समारोह को संबोधित करते हुए वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि वनवासी और आदिवासी अंचल के परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना तथा उन्हें सामाजिक सुरक्षा देना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि जनवरी 2026 से जून 2026 की अवधि में इस योजना के तहत 1,233 प्रकरणों में कुल 17.90 करोड़ रुपये की सहायता राशि बांटी जा रही है। उन्होंने कहा कि विपरीत परिस्थितियों और संकट के समय यह राशि संग्राहक परिवारों के लिए एक बड़ा आर्थिक सहारा साबित हो रही है।

कश्यप ने वर्ष 2026 के संग्रहण सीजन की उपलब्धियां साझा करते हुए बताया कि प्रदेश के 11.40 लाख तेंदूपत्ता संग्राहकों को 752.86 करोड़ रुपये का पारिश्रमिक सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर किया जा चुका है। बिना किसी बिचौलिये के पारदर्शी डीबीटी प्रणाली से संग्राहकों को भुगतान सुनिश्चित किया गया है। इसके साथ ही वर्ष 2023 के लाभांश के रूप में 7.14 लाख संग्राहकों को 162.32 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि के वितरण का काम भी लगभग पूर्णता की ओर है, जो वनांचल की अर्थव्यवस्था को नई गति दे रहा है।

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