Urban Development: प्रधानमंत्री आवास योजना: महापौर मीनल चौबे ने दिए सख्त निर्देश; बिना गुणवत्ता जांच और भौतिक परीक्षण के ठेकेदारों का भुगतान न करें
रायपुर निगम क्षेत्र के पीएम आवासों की बिंदुवार समीक्षा; मलबे, सीपेज, प्लास्टर और नाली निकासी जैसी समस्याओं पर महापौर ने जताई कड़ी नाराजगी

रायपुर, 14 अगस्त 2026 : रायपुर नगर पालिक निगम की महापौर मीनल चौबे ने नगर निगम क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत निर्मित और निर्माणाधीन मकानों की गुणवत्ता एवं प्रगति की विस्तृत बिंदुवार समीक्षा की। निगम मुख्यालय में योजना शाखा के अभियंताओं की बैठक लेते हुए महापौर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि बने हुए और प्रगतिरत आवासों की मूलभूत अधोसंरचना की गहन जांच किए बिना किसी भी हाल में कार्य पूर्णता प्रमाणपत्र (Completion Certificate) जारी न किया जाए।
समीक्षा के दौरान महापौर मीनल चौबे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस अति-महत्वाकांक्षी योजना में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बैठक में कचना (फार्चुन रिसोर्स, अमूल्या रियलकॉन, सुमित इंफ्राकॉन), दलदल सिवनी, लाभांडी (एएचपी डीयूज), इंद्रप्रस्थ रायपुरा, कोटा, आमासिवनी और मठपुरैना स्थित आवास परिसरों की शिकायतों पर चर्चा की गई। इन स्थलों पर निर्माण पूर्ण होने के बाद भी सीपेज, प्लास्टर और पुट्टी उखड़ने, ड्रेनेज/सीवर लाइन जाम होने, बाउंड्रीवॉल के अभाव और पानी की निकासी जैसी समस्याएं सामने आई हैं।
विभिन्न साइट्स पर ठेकेदारों द्वारा बरती गई लापरवाही पर गहरा असंतोष व्यक्त करते हुए महापौर ने अधीक्षण अभियंता राजेश राठौर, कार्यपालन अभियंता अंशुल शर्मा और सहायक अभियंता अमित बोस को कड़ी हिदायत दी। उन्होंने निर्देश दिए कि संबंधित निर्माण एजेंसियों व ठेकेदारों को तत्काल नोटिस जारी कर गुणवत्ता सुधार कराया जाए। अधिकारियों और तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा जब तक निर्माण की गुणवत्ता का भौतिक परीक्षण कर पूर्ण संतुष्टि न कर ली जाए, तब तक संबंधित ठेकेदारों के बकाये शेष भुगतान की फाइल आगे न बढ़ाई जाए और भुगतान पर कड़ाई से रोक लगाई जाए।



