Chhattisgarh Mining News: SGPB की 26वीं बैठक में 45 खनिज अन्वेषण परियोजनाओं को मिली मंजूरी
छत्तीसगढ़ में SGPB की 26वीं बैठक में 45 खनिज अन्वेषण परियोजनाओं को अंतिम रूप दिया गया। लिथियम, ग्रेफाइट और रेयर मेटल्स सहित रणनीतिक खनिजों की खोज पर जोर।

Chhattisgarh Mining News: रायपुर, 19 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ में खनिज संसाधनों की खोज और अन्वेषण को नई गति देने के लिए राज्य भूवैज्ञानिक प्रोग्रामिंग बोर्ड (SGPB) की 26वीं बैठक आयोजित की गई। बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के अन्वेषण कार्यों की समीक्षा की गई और वर्ष 2026-27 के लिए खनिज खोज कार्यक्रमों एवं प्राथमिकताओं को अंतिम रूप दिया गया। बैठक में खनिज साधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ केंद्रीय, राज्य एजेंसियों और निजी उद्योगों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
45 Exploration Projects को अंतिम रूप
बैठक में छत्तीसगढ़ की कुल 45 नई और जारी खनिज अन्वेषण परियोजनाओं को अंतिम रूप दिया गया। इनमें 35 क्रिटिकल एवं स्ट्रेटेजिक खनिज ब्लॉक, 4 डीप-सीटेड खनिज ब्लॉक और 6 बल्क मिनरल परियोजनाएं शामिल हैं। इनमें से 25 परियोजनाओं का संचालन भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) की रायपुर इकाई द्वारा किया जाएगा।
वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान राज्य में 2,590 मिलियन टन चूना पत्थर और 32.26 मिलियन टन लौह अयस्क संसाधनों की पहचान एवं स्थापना की गई। वहीं 2026-27 के लिए 11 नए अन्वेषण प्रस्तावों को अंतिम रूप दिया गया है।
Mining Revenue से मिला 16,738 करोड़ रुपये का राजस्व
बैठक में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में छत्तीसगढ़ को खनन रॉयल्टी एवं राजस्व से लगभग 16,738 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। स्वीकृत 9 अन्वेषण परियोजनाएं चालू वित्तीय वर्ष में भी जारी रहेंगी। इससे महत्वपूर्ण एवं सामरिक खनिजों की खोज को गति मिलने के साथ राज्य के खनिज संसाधन आधार को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
Strategic Minerals पर विशेष जोर
वर्ष 2026-27 के लिए स्वीकृत प्रस्तावों में लिथियम, ग्रेफाइट, टिन-टैंटलम-नियोबियम, REE एवं रेयर मेटल्स, ग्लॉकोनाइट और बॉक्साइट जैसे महत्वपूर्ण एवं रणनीतिक खनिज शामिल हैं। बैठक में दक्षिण बस्तर क्षेत्र में खनिज अन्वेषण तेज करने और गहराई में मौजूद खनिजों के सटीक आकलन के लिए आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल पर जोर दिया गया।
पांच जिलों के Mineral Resource Maps सौंपे गए
बैठक के दौरान GSI द्वारा छत्तीसगढ़ के पांच जिलों के Mineral Resource Maps खनिज साधन विभाग को सौंपे गए। इस दौरान खनिज खोज की संभावनाओं को बढ़ाने, केंद्रीय एवं राज्य एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने और खनिज आधारित उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप मजबूत रोडमैप तैयार करने पर जोर दिया गया।



