Eye Donation Workshop: अम्बेडकर अस्पताल में नेत्रदान को बढ़ावा देने राज्य स्तरीय प्रशिक्षण, 100 से अधिक स्वास्थ्यकर्मी हुए शामिल
रायपुर के अम्बेडकर अस्पताल में नेत्रदान प्रक्रियाओं पर राज्य स्तरीय कार्यशाला आयोजित हुई। 32 जिलों के 100 से अधिक स्वास्थ्यकर्मियों को काउंसलिंग, कॉर्निया प्राप्ति और संरक्षण का प्रशिक्षण दिया गया।

Eye Donation Workshop: रायपुर, 22 अगस्त 2026। क्षेत्रीय नेत्र अनुसंधान संस्थान (RIO) और नेत्र रोग विभाग, पं. जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय, रायपुर द्वारा डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय के टेलीमेडिसिन हॉल में “नेत्रदान प्रक्रियाओं पर नवीनतम जानकारी” विषय पर एक दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें प्रदेश के 32 जिलों से नामांकित 100 से अधिक नेत्र सहायक अधिकारियों और सहायक नेत्रदान अधिकारियों ने हिस्सा लिया। कार्यशाला का उद्देश्य स्वास्थ्यकर्मियों को नेत्रदान की प्रक्रिया, काउंसलिंग और कॉर्निया संरक्षण से जुड़ी आधुनिक तकनीकों की जानकारी देना रहा।
Training: काउंसलिंग से कॉर्निया संरक्षण तक दिया गया प्रशिक्षण
कार्यशाला में संभावित दाताओं के परिवारों से संवाद, काउंसलिंग, भ्रांतियों का समाधान, डोनर चयन, मेडिकल स्क्रीनिंग, कॉर्निया प्राप्ति, ऊतक संरक्षण, कोल्ड चेन और सुरक्षित परिवहन जैसे विषयों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। इसके साथ Consent Forms, Death Certificate और Eye Bank Records सहित आवश्यक दस्तावेजीकरण की प्रक्रिया भी समझाई गई। वास्तविक मामलों पर चर्चा, इंटरैक्टिव क्विज और रोल-प्ले के जरिए प्रतिभागियों को कठिन परिस्थितियों में परिवारों से संवेदनशील तरीके से संवाद करने का अभ्यास कराया गया।
कार्यशाला में Enucleation की वीडियो डेमोंस्ट्रेशन, in-situ corneoscleral rim retrieval, संरक्षण एवं परिवहन, काउंसलिंग, डॉक्यूमेंटेशन और moist chamber तैयार करने की प्रक्रिया भी प्रदर्शित की गई। आयोजन में महाविद्यालय के डीन डॉ. विवेक चौधरी के मार्गदर्शन और अस्पताल अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर के सहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
Eye Donation Awareness: राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़े से पहले बढ़ाई गई तैयारी
नेत्रदान को बढ़ावा देने की पहल स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल के मार्गदर्शन के बाद आगे बढ़ाई गई। राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़े 25 अगस्त से 8 सितंबर के पहले आयोजित इस प्रशिक्षण का उद्देश्य स्वास्थ्यकर्मियों को अपने-अपने क्षेत्रों में नेत्रदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने और संभावित दाताओं के परिजनों की प्रभावी काउंसलिंग के लिए तैयार करना है। कार्यशाला में विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया और प्रशिक्षण के बाद प्राप्त ज्ञान को मैदानी स्तर पर उपयोग करने का संदेश दिया। कार्यक्रम का समापन पोस्ट-टेस्ट और प्रतिभागियों के फीडबैक के साथ हुआ।



