Dhamtari News: पशुपालन KCC से 93 पशुपालकों को 98.62 लाख का कर्ज, ग्रामीण आजीविका को मिला आर्थिक सहारा
धमतरी जिले में पशुपालन KCC योजना के तहत अप्रैल से जुलाई 2026 के बीच 93 पशुपालकों को 98.62 लाख रुपए के ऋण स्वीकृत हुए। आर्थिक सहायता और प्रशिक्षण से ग्रामीण आजीविका को मजबूती मिल रही है।

Dhamtari News: धमतरी जिले में पशुपालन अब ग्रामीण परिवारों के लिए आय का मजबूत जरिया बनता जा रहा है। पशुपालकों को समय पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पशुपालन किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना का संचालन किया जा रहा है। अप्रैल से जुलाई 2026 के बीच जिले के 93 पशुपालकों के लिए कुल 98.62 लाख रुपए के ऋण स्वीकृत किए गए हैं। इससे पशुपालकों को पशुओं की देखभाल और दैनिक जरूरतों के लिए महंगे अनौपचारिक कर्ज पर निर्भरता कम करने में मदद मिल रही है।
योजना के तहत जिला सहकारी केंद्रीय बैंक ने सबसे अधिक 82 पशुपालकों को 83.92 लाख रुपए से अधिक का ऋण उपलब्ध कराया है। वहीं छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक ने 5 पशुपालकों को 5.60 लाख रुपए, बैंक ऑफ बड़ौदा ने 4 पशुपालकों को, यूको बैंक ने एक हितग्राही को 2 लाख रुपए और भारतीय स्टेट बैंक ने एक हितग्राही को 1.50 लाख रुपए का ऋण स्वीकृत किया है। पूंजी मिलने से पशुपालक दाना-पानी, दवाइयों, टीकाकरण और पशु चिकित्सा जैसी जरूरी जरूरतों को बेहतर तरीके से पूरा कर पा रहे हैं।
गांव-गांव पहुंचकर पात्र हितग्राहियों को जोड़ा जा रहा
कलेक्टर के निर्देश पर पशुधन विकास विभाग का मैदानी अमला गांव-गांव पहुंचकर पात्र पशुपालकों को KCC योजना की जानकारी दे रहा है। टीम द्वारा हितग्राहियों को पात्रता, जरूरी दस्तावेज और आवेदन प्रक्रिया के बारे में बताया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक पशुपालक इस सुविधा का लाभ उठा सकें।
सिर्फ आर्थिक सहायता तक सीमित न रहते हुए पशुपालकों को वैज्ञानिक पशुपालन के लिए तकनीकी मार्गदर्शन भी दिया जा रहा है। कृत्रिम गर्भाधान, नस्ल सुधार और आधुनिक पशुपालन तकनीकों से संबंधित प्रशिक्षण के माध्यम से पशुपालकों की क्षमता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
आय बढ़ाने में मददगार बन रही KCC सुविधा
वित्तीय सहायता और तकनीकी प्रशिक्षण के समन्वय से पशुपालकों के लिए पशुपालन को अधिक व्यवस्थित और लाभकारी व्यवसाय बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। बेहतर पशु देखभाल, नस्ल सुधार और वैज्ञानिक तकनीकों के इस्तेमाल से दुग्ध उत्पादन बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है।
पशुपालन KCC योजना से ग्रामीण परिवारों को जरूरत के समय औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था के माध्यम से पूंजी मिल रही है। इससे पशुपालकों की आर्थिक गतिविधियों को गति मिलने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था और आत्मनिर्भरता को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।



