छत्तीसगढ़

Raipur Dahi Handi News: दही हांडी हमें एकता, सहयोग और टीम भावना की शक्ति का संदेश देती है : मुख्यमंत्री श्री साय

भगवान श्रीकृष्ण का जीवन हर परिस्थिति में अपने कर्तव्य और दायित्व को निभाने की देता है प्रेरणा - मुख्यमंत्री श्री साय

Raipur Dahi Handi News, 5 सितंबर 2026: राजधानी रायपुर के गुढ़ियारी स्थित अवधपुरी मैदान में आयोजित विशाल दही हांडी उत्सव में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शामिल हुए। उन्होंने गोविंदाओं की टोलियों का उत्साह बढ़ाया और प्रदेशवासियों को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की शुभकामनाएं दीं। आयोजन स्थल पर भक्ति, उल्लास और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का रंग देखने को मिला।

दही हांडी देती है टीम भावना का संदेश

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि दही हांडी केवल धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि एकता, सहयोग और टीम भावना की शक्ति का प्रतीक है। हांडी तक पहुंचने वाला गोविंदा अकेले लक्ष्य हासिल नहीं करता, बल्कि नीचे खड़े साथियों के विश्वास, सहयोग और सामर्थ्य से वह ऊंचाई तक पहुंचता है। उन्होंने कहा कि जब सभी लोग एक लक्ष्य के लिए मिलकर प्रयास करते हैं, तो कठिन से कठिन कार्य भी पूरा किया जा सकता है। यही भावना समाज और प्रदेश के विकास में भी महत्वपूर्ण है।

उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि कृष्ण का जीवन हर परिस्थिति में अपने कर्तव्य और दायित्व को निभाने की प्रेरणा देता है। ग्वालबालों के साथ मित्रता से लेकर द्वारका के नेतृत्व और कुरुक्षेत्र में सारथी की भूमिका तक, उन्होंने अलग-अलग जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा के साथ निभाया। उनका जीवन कर्मयोग और कर्तव्य के प्रति समर्पण का संदेश देता है।

धार्मिक विरासत को आगे बढ़ाने पर जोर

मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश का संबंध भगवान श्रीराम और माता कौशल्या की परंपरा से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि रामायण काल का दंडकारण्य क्षेत्र वर्तमान छत्तीसगढ़ के बड़े हिस्से से जुड़ा रहा है और यहां भगवान श्रीराम से संबंधित अनेक धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्मृतियां मौजूद हैं।

साय ने कहा कि राज्य सरकार धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के साथ श्रद्धालुओं को तीर्थ स्थलों से जोड़ने का काम कर रही है। श्री रामलला दर्शन योजना के तहत अब तक 50 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या जाकर रामलला के दर्शन कर चुके हैं। वहीं मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के माध्यम से 10 हजार से अधिक वृद्ध श्रद्धालुओं को विभिन्न प्रमुख तीर्थ स्थलों की यात्रा कराई जा चुकी है।

मंदिरों और आस्था केंद्रों का किया उल्लेख

मुख्यमंत्री ने प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों का जिक्र करते हुए कहा कि भोरमदेव, राजिम का कुलेश्वर महादेव और जशपुर का मधेश्वर पहाड़ छत्तीसगढ़ की आध्यात्मिक पहचान का हिस्सा हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में मां बम्लेश्वरी, मां महामाया, मां दंतेश्वरी और मां चंद्रहासिनी जैसे प्रमुख शक्तिपीठ भी श्रद्धा के बड़े केंद्र हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश की धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित और विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही गौवंश के संरक्षण और संवर्धन के लिए सुरभि गोधाम योजना के माध्यम से भी कार्य किया जा रहा है।

लखबीर सिंह लक्खा और बी प्राक ने बांधा समां

विशाल दही हांडी उत्सव में गोविंदाओं की टोलियों ने पूरे उत्साह के साथ प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। सांस्कृतिक कार्यक्रम में भजन गायक लखबीर सिंह लक्खा और लोकप्रिय गायक बी प्राक की प्रस्तुतियों ने दर्शकों का उत्साह बढ़ाया। भक्ति गीतों और भजनों के बीच पूरा अवधपुरी मैदान श्रीकृष्ण भक्ति के रंग में नजर आया।

कार्यक्रम में कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, विधायक मोतीलाल साहू, अनुज शर्मा और ईश्वर साहू सहित कई जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में आमजन मौजूद रहे।

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