
Bastar Tourism News 1 अक्टूबर 2026। राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि बस्तर में नक्सलवाद का प्रभाव समाप्त होने के बाद केंद्र और राज्य सरकार द्वारा क्षेत्र के लोगों के कल्याण और विकास के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से काम हो रहा है, जबकि कौशल प्रशिक्षण के माध्यम से युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर में विकास के साथ लोगों का विश्वास बढ़ रहा है और भय का वातावरण धीरे-धीरे समाप्त हो रहा है। सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर बस्तर में हो रहे इन सकारात्मक बदलावों को देश और विदेश तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
राज्यपाल रमेन डेका ने यह बात दिल्ली से छत्तीसगढ़ पहुंचे 41 सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के दल से मुलाकात के दौरान कही। ये सभी इन्फ्लुएंसर ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत छत्तीसगढ़ भ्रमण पर आए हैं। उन्होंने विशेष रूप से बस्तर में नक्सलवाद के प्रभाव में कमी के बाद आए बदलाव, विकास कार्यों, स्थानीय जनजीवन और पर्यटन की संभावनाओं को करीब से जाना और समझा।
तीन दिन बस्तर में रहकर जमीनी स्थिति देखी
इन्फ्लुएंसर ने राज्यपाल को बताया कि उन्होंने तीन दिन बस्तर में बिताए। इस दौरान उन्होंने स्थानीय ग्रामीणों से संवाद किया और पहले नक्सल प्रभावित रहे क्षेत्रों तथा गांवों का भ्रमण कर वहां की वर्तमान स्थिति को देखा। उन्होंने बताया कि मीडिया के माध्यम से उन्हें छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के प्रभाव में कमी और बस्तर में हो रहे बदलावों की जानकारी मिली थी। इसी बदलाव को प्रत्यक्ष रूप से देखने और समझने के उद्देश्य से वे बस्तर पहुंचे।
प्राकृतिक सुंदरता ने किया आकर्षित
इन्फ्लुएंसर ने कहा कि बस्तर में उन्हें शांति और सुकून का अनुभव हुआ। यहां की प्राकृतिक सुंदरता ने उन्हें विशेष रूप से आकर्षित किया। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में सड़क संपर्क बेहतर हुआ है और प्रभावित लोगों के पुनर्वास तथा रोजगार के लिए किए जा रहे प्रयास भी दिखाई देते हैं।
उन्होंने कहा कि बस्तर में उन्होंने जितने बदलाव की कल्पना की थी, उससे कहीं अधिक सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिला। इन्फ्लुएंसर ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से इन अनुभवों को देश-दुनिया तक पहुंचाने की बात कही। उनका कहना है कि इससे बस्तर को लेकर बनी पुरानी धारणाओं को दूर करने और अधिक लोगों को पर्यटन के लिए यहां आने की जानकारी देने में मदद मिल सकती है।
शिक्षा और सड़क सुविधाओं पर जोर
राज्यपाल ने कहा कि बस्तर के बच्चों में शिक्षा के प्रति उत्साह बढ़ा है। जो बच्चे पहले स्कूल नहीं जाते थे, वे अब नियमित रूप से स्कूल जा रहे हैं। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना सहित विभिन्न विकास योजनाओं के माध्यम से गांवों को बेहतर सुविधाओं से जोड़ने का काम किया जा रहा है। बस्तर के शहरों और पर्यटन स्थलों के विकास पर भी काम किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि रोजगार के अवसर बढ़ने से विकास की गति को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी और सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में सुविधा होगी।
5 करोड़ से अधिक लोगों तक पहुंचेगा बस्तर का अनुभव
छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक सौमिल रंजन चौबे ने बताया कि दिल्ली से 41 सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर छत्तीसगढ़ पहुंचे हैं। इन इन्फ्लुएंसर से जुड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की कुल पहुंच 5 करोड़ से अधिक लोगों तक बताई गई है।
इन्फ्लुएंसर ने छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के प्रभाव में कमी के बाद हुए बदलाव और विकास कार्यों को प्रत्यक्ष रूप से देखा है। अब वे अपने अनुभवों को सोशल मीडिया के माध्यम से साझा करेंगे, जिससे बस्तर के विकास, स्थानीय जीवन और पर्यटन की संभावनाओं की जानकारी व्यापक स्तर पर पहुंच सके।
इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।



