Chhattisgarh Employment Fair 2026: 13 हजार से ज्यादा युवाओं की भागीदारी, 5 हजार से अधिक का चयन; 1,100 को मिले ऑफर लेटर
रायपुर में राज्य स्तरीय रोजगार मेला-2026 का समापन हुआ। 13 हजार से अधिक युवाओं ने हिस्सा लिया, 5 हजार से ज्यादा चयनित हुए और करीब 1,100 युवाओं को ऑफर लेटर मिले।

Chhattisgarh Employment Fair 2026, 8 अक्टूबर 2026। राजधानी रायपुर के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित दो दिवसीय राज्य स्तरीय रोजगार मेला-2026 का समापन हो गया। 7 और 8 अक्टूबर को आयोजित मेले में प्रदेशभर से 13 हजार से अधिक युवाओं ने हिस्सा लिया। विभिन्न कंपनियों की चयन प्रक्रियाओं के बाद 5 हजार से अधिक अभ्यर्थियों का अंतिम चयन हुआ। समापन अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने करीब 1,100 चयनित युवाओं को ऑफर लेटर प्रदान किए।
मुख्यमंत्री ने चयनित युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि प्रदेश के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक कौशल प्रशिक्षण और उनकी योग्यता के अनुरूप रोजगार उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि प्रयास है कि छत्तीसगढ़ के युवाओं को शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर अपने ही प्रदेश में मिलें, ताकि वे अपने कौशल और प्रतिभा के बल पर आत्मनिर्भर बनें और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में भागीदार बन सकें।
मेले में प्रदेश के सभी जिलों के अलावा दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में युवा पहुंचे। अलग-अलग शैक्षणिक योग्यता और कौशल रखने वाले अभ्यर्थियों ने कंपनियों की चयन प्रक्रिया में हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि रोजगार का अवसर युवाओं के जीवन में नई शुरुआत है और उन्हें विश्वास है कि चयनित युवा अपनी मेहनत, लगन और प्रतिभा से परिवार, प्रदेश और देश का नाम रोशन करेंगे।
ढाई साल में 925 रोजगार मेलों से 25,845 से ज्यादा युवाओं को रोजगार
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में प्रदेशभर में 925 रोजगार मेलों का आयोजन किया गया है। इनके माध्यम से 25 हजार 845 से अधिक युवाओं को रोजगार मिला है। राज्य स्तरीय रोजगार मेले की सफलता से इस अभियान को और गति मिलने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि आज के समय में केवल शैक्षणिक योग्यता पर्याप्त नहीं है। युवाओं को उद्योगों की जरूरत के अनुरूप व्यावहारिक कौशल और प्रशिक्षण भी जरूरी है। इसी सोच के साथ सरकार शिक्षा से कौशल और कौशल से रोजगार तक युवाओं को जोड़ने की दिशा में काम कर रही है।
उच्च और तकनीकी शिक्षा के अवसरों का विस्तार
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा की सुविधाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है। प्रदेश में आईआईटी, आईआईएम, ट्रिपल आईटी, एम्स और विधि विश्वविद्यालय जैसे राष्ट्रीय स्तर के संस्थान संचालित हैं। प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए ‘प्रयास’ जैसी संस्थाओं के माध्यम से भी अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
सरकार का प्रयास है कि युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक कौशल और बेहतर भविष्य के लिए अधिक से अधिक अवसर राज्य में ही मिलें। इसके लिए शैक्षणिक एवं तकनीकी संस्थानों को उद्योगों की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किया जा रहा है।
95 से अधिक नियोक्ता संस्थानों ने दिया रोजगार का अवसर
राज्य स्तरीय रोजगार मेले में 95 से अधिक पंजीकृत नियोक्ता संस्थानों के साथ अन्य कंपनियों ने भी भागीदारी की। आयोजन स्थल पर करीब 50 स्टॉल लगाए गए, जहां कंपनियों ने अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन, साक्षात्कार और चयन की प्रक्रिया पूरी की।
मेले में आईटीआई, डिप्लोमा, इंजीनियरिंग, स्नातक सहित विभिन्न शैक्षणिक और व्यावसायिक योग्यता वाले युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए। रोजगार विभाग के साथ औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों, तकनीकी शिक्षा विभाग, पॉलिटेक्निक एवं इंजीनियरिंग महाविद्यालयों और छत्तीसगढ़ राज्य कौशल विकास प्राधिकरण की भी सक्रिय भागीदारी रही।
कौशल विकास कार्यक्रमों के तहत प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके युवाओं ने भी बड़ी संख्या में मेले में हिस्सा लिया। इस तरह रोजगार मेला युवाओं और कंपनियों के बीच सीधे संवाद और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का मंच बना।
ई-रोजगार पोर्टल बनेगा ‘स्किल मार्केट’
रोजगार मेले में अभ्यर्थियों के पंजीयन, आवेदन, उपस्थिति और चयन से जुड़ी प्रक्रियाएं ई-रोजगार पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन संचालित की गईं। इससे पूरी प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने में मदद मिली।
राज्य सरकार इस पोर्टल को आगे ‘स्किल मार्केट’ के रूप में विकसित करने की योजना पर काम कर रही है। इसमें उद्योगों की जरूरत, उपलब्ध रिक्तियों और युवाओं की शैक्षणिक योग्यता व कौशल से जुड़ी जानकारी को एकीकृत किया जाएगा। इससे युवाओं को अपनी योग्यता के अनुरूप नौकरी तलाशने और उद्योगों को जरूरत के अनुसार कुशल मानव संसाधन खोजने में सुविधा होगी।
जिनका चयन नहीं हुआ, उनके लिए भी जारी रहेंगे अवसर
मुख्यमंत्री ने उन युवाओं का भी उत्साह बढ़ाया, जिन्हें इस रोजगार मेले में अवसर नहीं मिल सका। उन्होंने कहा कि उन्हें निराश होने की जरूरत नहीं है। सरकार आगे भी रोजगार मेलों, कौशल विकास कार्यक्रमों और उद्योगों के साथ समन्वय के जरिए युवाओं के लिए नए अवसर उपलब्ध कराती रहेगी।
तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि सरकार का उद्देश्य युवाओं को केवल प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि उनके हुनर को वास्तविक रोजगार और आजीविका के अवसरों से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि रोजगार मेले में युवाओं की बड़ी भागीदारी उनके उत्साह और बेहतर भविष्य की आकांक्षा को दर्शाती है।
पॉलिटेक्निक संस्थानों की गुणवत्ता मूल्यांकन रिपोर्ट जारी
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री की मौजूदगी में प्रदेश के पॉलिटेक्निक महाविद्यालयों में शिक्षा एवं प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुधारने के उद्देश्य से क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा तैयार थर्ड पार्टी मूल्यांकन रिपोर्ट का विमोचन किया गया।
रिपोर्ट में पॉलिटेक्निक संस्थानों के शैक्षणिक स्तर, प्रशिक्षण व्यवस्था, उपलब्ध अधोसंरचना और गुणवत्ता सुधार की संभावनाओं का आकलन किया गया है। रिपोर्ट के सुझावों के आधार पर संस्थानों के समग्र विकास और प्रशिक्षण की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए कार्ययोजना तैयार की गई है। इससे तकनीकी शिक्षा को उद्योगों की बदलती जरूरतों के अनुरूप विकसित करने और विद्यार्थियों की रोजगार क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
सेवा संकल्प अभियान से जोड़ा रोजगार मेले का उद्देश्य
मुख्यमंत्री ने सेवा संकल्प अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनसेवा के 25 वर्षों के उपलक्ष्य में प्रदेश में विभिन्न जनकल्याणकारी कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। रोजगार मेला भी युवाओं को सीधे अवसरों से जोड़ते हुए सेवा और जनकल्याण की भावना को आगे बढ़ा रहा है।
उन्होंने बताया कि रोजगार मेले में शामिल होने से पहले वे दुर्ग में आयोजित ‘सेवा सेतु’ कार्यक्रम में शामिल हुए, जहां महतारी वंदन योजना की 32वीं किस्त जारी करने के साथ विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार महिला, युवा, किसान, श्रमिक और गरीब सहित समाज के सभी वर्गों को सशक्त बनाने की दिशा में काम कर रही है।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री टंकराम वर्मा, बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष वर्णिका शर्मा, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा, विधायक सुनील सोनी, विधायक रोहित साहू सहित जनप्रतिनिधि, औद्योगिक प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में युवा मौजूद रहे।



