छत्तीसगढ़

Tribal Development Meeting: मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में बैठक, 3,189 कार्यों के लिए ₹246.54 करोड़ प्रस्ताव मंजूर

छत्तीसगढ़ में आदिम जाति विकास संबंधी राज्य स्तरीय कार्यसमिति की बैठक में 3,189 प्राथमिक कार्यों के लिए ₹246.54 करोड़ के प्रस्ताव मंजूर हुए। 185 पालना-घर और बहुभाषी शिक्षा को भी मंजूरी मिली।

Tribal Development Meeting, 8 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ शासन के आदिम जाति विकास विभाग के अंतर्गत संविधान के अनुच्छेद 275(1) के तहत गठित राज्य स्तरीय कार्यसमिति की बैठक मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में जनजातीय क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास, बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण से जुड़े विभिन्न प्रस्तावों का विस्तार से परीक्षण किया गया।

बैठक में प्राथमिकता वाले प्रस्तावों को अंतिम रूप देते हुए कुल 3,189 प्राथमिक कार्यों के लिए 246 करोड़ 54 लाख रुपये के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इन प्रस्तावों को परीक्षण के बाद राज्य स्तरीय कार्यकारी समिति के अनुमोदन के लिए आगे बढ़ाया जाएगा। प्रस्तावों का उद्देश्य जनजातीय क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के साथ विकास योजनाओं का लाभ दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचाना है।

कुपोषण प्रभावित क्षेत्रों में 185 पालना-घर को मंजूरी

बैठक में जनप्रतिनिधियों और विभिन्न विभागों से प्राप्त प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा की गई। विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG) से जुड़े कुपोषण प्रभावित क्षेत्रों में 185 कम्युनिटी-मैनेज्ड क्रेच यानी पालना-घर की स्थापना और संचालन को मंजूरी दी गई।

इन पालना-घरों के माध्यम से कुपोषण प्रभावित क्षेत्रों में बच्चों की देखभाल और पोषण से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी। इसे कमजोर जनजातीय समुदायों के बच्चों और परिवारों के लिए महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।

सांस्कृतिक धरोहरों और बहुभाषी शिक्षा पर जोर

बैठक में जनजातीय क्षेत्रों के पवित्र सामाजिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के जीर्णोद्धार और संरक्षण के लिए पायलट प्रोजेक्ट को भी मंजूरी दी गई। इसके साथ ही प्राथमिक शालाओं में कक्षा 1 से 5 तक के विद्यार्थियों के लिए दो वर्षों की अवधि में बहुभाषी शिक्षण-अधिगम सामग्री विकसित करने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई।

बहुभाषी शिक्षण सामग्री के माध्यम से जनजातीय क्षेत्रों में बच्चों की स्थानीय भाषाई एवं सांस्कृतिक पृष्ठभूमि को ध्यान में रखते हुए शिक्षा को अधिक प्रभावी बनाने का प्रयास किया जाएगा।

कई क्षेत्रों से जुड़े विकास प्रस्तावों को मिली मंजूरी

बैठक में बुनियादी ढांचे, शिक्षा, संस्कृति एवं धरोहर, नवीकरणीय ऊर्जा, पेयजल, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता, ग्राम एवं समुदाय विकास सहायता, खेलकूद और पशुपालन से संबंधित प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई।

इसके अलावा अनुसूचित क्षेत्रों के लोगों के लिए आय सृजन से जुड़ी योजनाओं, संस्थागत सुदृढ़ीकरण और प्रशासनिक व्यय से संबंधित प्रस्तावों का भी परीक्षण कर उन्हें मंजूरी दी गई। इन कार्यों के माध्यम से जनजातीय क्षेत्रों में विकास के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और आजीविका के अवसरों को बढ़ाने पर जोर रहेगा।

गुणवत्ता और पारदर्शिता के साथ काम पूरा करने के निर्देश

मुख्य सचिव विकासशील ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वीकृत प्रस्तावों का क्रियान्वयन गुणवत्ता और पारदर्शिता के साथ सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ जनजातीय क्षेत्रों के अंतिम छोर तक बसे लोगों तक प्रभावी रूप से पहुंचना चाहिए।

उन्होंने विभागीय अधिकारियों से योजनाओं की नियमित निगरानी करने और कार्यों के क्रियान्वयन में आवश्यक समन्वय बनाए रखने को कहा, ताकि स्वीकृत विकास कार्य निर्धारित उद्देश्य के अनुरूप पूरे किए जा सकें।

वरिष्ठ अधिकारी बैठक में रहे मौजूद

बैठक में आदिम जाति विकास विभाग के सचिव भूवनेश यादव, स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, ऊर्जा विभाग के सचिव सारांश मित्तर, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव मोहम्मद अब्दुल कैसर हक, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव भीम सिंह सहित कृषि, वन, महिला एवं बाल विकास तथा संस्कृति एवं पर्यटन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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