बस्तर

Bastar Health News: सात बार नदी पार कर तुमेरादी पहुंची स्वास्थ्य टीम, समय पर इलाज से सन्नो बाई को मिली नई उम्मीद

नारायणपुर के दुर्गम तुमेरादी गांव पहुंचने के लिए स्वास्थ्य टीम ने सात बार नदी पार की। स्वास्थ्य शिविर में 45 वर्षीय सन्नो बाई में कुष्ठ रोग की पहचान हुई और जिला अस्पताल में मुफ्त एमडीटी उपचार शुरू किया गया।

Bastar Health News, 10 अक्टूबर 2026। बस्तर के सुदूर वनांचल और दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना आज भी चुनौतीपूर्ण है। घने जंगलों, ऊंची पहाड़ियों और नदी-नालों से घिरे इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों तक समय पर उपचार पहुंचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार प्रयास कर रही है। नारायणपुर जिले के ओरछा विकासखंड के अंतिम छोर पर स्थित तुमेरादी गांव की 45 वर्षीय सन्नो बाई की कहानी इसी सेवा और समर्पण की मिसाल है। मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत स्वास्थ्य दल ने कठिन रास्तों को पार कर गांव में स्वास्थ्य शिविर लगाया, जहां सन्नो बाई की बीमारी का पता चला और उनका उपचार शुरू कराया गया।

सात बार नदी पार कर गांव पहुंची स्वास्थ्य टीम

तुमेरादी गांव उप स्वास्थ्य केंद्र मड़पुर से लगभग 20 किलोमीटर दूर स्थित है। चारों ओर घने जंगल, ऊंची पहाड़ियां और नदी-नाले होने के कारण यहां पहुंचना आसान नहीं है। गांव तक जाने के लिए स्वास्थ्य दल को एक ही नदी को सात बार पार करना पड़ता है। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण यहां के ग्रामीणों को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त करने में परेशानी होती रही है। इसके बावजूद सेवा संकल्प अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीम ने हिम्मत नहीं हारी और दुर्गम रास्तों से होते हुए गांव पहुंची। यहां ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जांच के लिए शिविर आयोजित किया गया।

स्वास्थ्य शिविर में सामने आया कुष्ठ रोग का मामला

शिविर के दौरान 45 वर्षीय सन्नो बाई की स्वास्थ्य जांच की गई। जांच में पता चला कि वह लंबे समय से कुष्ठ रोग से पीड़ित थीं। बीमारी के बारे में पर्याप्त जानकारी नहीं होने, आर्थिक तंगी और गांव की दुर्गम भौगोलिक स्थिति के कारण उन्हें अब तक उचित उपचार नहीं मिल पाया था। बीमारी बढ़ने के कारण उनके हाथ की उंगलियां भी प्रभावित होने लगी थीं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य दल ने तत्काल पहल की और सन्नो बाई को बेहतर उपचार के लिए जिला चिकित्सालय नारायणपुर भेजा।

जिला अस्पताल में मुफ्त इलाज शुरू, विकलांगता का खतरा टला

जिला चिकित्सालय नारायणपुर में विशेषज्ञ डॉक्टरों ने सन्नो बाई की विस्तृत जांच की। कुष्ठ रोग की पुष्टि होने के बाद उन्हें तत्काल एमडीटी (मल्टी ड्रग थेरेपी) की दवाइयां उपलब्ध कराई गईं और नियमित उपचार शुरू किया गया। डॉक्टरों ने सन्नो बाई और उनके परिवार को बीमारी से बचाव, जरूरी सावधानियों तथा नियमित रूप से दवाइयां लेने के महत्व के बारे में भी विस्तार से समझाया। समय पर बीमारी की पहचान और उपचार शुरू होने से उनके हाथ में स्थायी विकलांगता का खतरा टल गया। फिलहाल सन्नो बाई का इलाज नियमित रूप से जारी है और उनकी स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है।

दूरस्थ गांवों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की पहल

सन्नो बाई की कहानी केवल एक मरीज के उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दूरस्थ इलाकों में रहने वाले लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के प्रयास को भी दर्शाती है। मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के माध्यम से दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है। तुमेरादी पहुंचने के लिए सात बार नदी पार करने वाली स्वास्थ्य टीम के प्रयास से सन्नो बाई को समय पर जांच और इलाज मिल सका। इस पहल ने उनके परिवार को नई उम्मीद दी है और दूरस्थ अंचलों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच तथा स्वास्थ्य तंत्र के प्रति ग्रामीणों के विश्वास को मजबूत करने में योगदान दिया है।

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