Raipur Trademark Case: ‘सूर्यवंश’ बेसन की नकल कर ‘सूर्यवंशी’ नाम से बिक्री का आरोप, दो लोगों पर FIR
रायपुर के माना कैंप थाने में ‘सूर्यवंश’ ब्रांड के ट्रेडमार्क और पैकेजिंग की नकल कर ‘सूर्यवंशी’ नाम से बेसन बेचने के आरोप में दो लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई।

Raipur Trademark Case। राजधानी रायपुर में बेसन के ब्रांड नाम की नकल कर मिलते-जुलते नाम से उत्पाद बेचने का मामला सामने आया है। माना कैंप पुलिस ने ‘सूर्यवंश’ ब्रांड की नकल कर ‘सूर्यवंशी’ नाम से बेसन बेचने के आरोप में दो लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। शिकायतकर्ता मनीष शादीजा ने आरोप लगाया है कि मेसर्स एमएस सिंध बेसन के संचालक धीरज सचदेव और उनके परिवार से जुड़े लोगों ने उनके पंजीकृत ट्रेडमार्क के नाम, पैकेजिंग, सूर्य के चिह्न और टैगलाइन की नकल की। पुलिस ने शिकायत की जांच के बाद ट्रेडमार्क अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।
2004 से पंजीकृत है ‘सूर्यवंश’ ब्रांड
शिकायतकर्ता मनीष शादीजा के अनुसार, वे रायपुर के रामसागरपारा स्थित मनीष आटा चक्की के माध्यम से आटा, बेसन सहित अन्य खाद्य उत्पादों का कारोबार करते हैं। उनका दावा है कि ‘सूर्यवंश’ ब्रांड वर्ष 2004 से पंजीकृत है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मिलते-जुलते नाम और पैकेजिंग के इस्तेमाल से ग्राहकों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है। शिकायतकर्ता ने यह भी कहा है कि कथित नकल से उनके कारोबार और ब्रांड की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंच रहा है।
माना कैंप थाने में दर्ज हुई FIR
इस मामले में 10 अक्टूबर 2026 को माना कैंप थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई। उपलब्ध विवरण में आरोपियों के नाम को लेकर अंतर सामने आया है। प्राथमिकी में धीरज सचदेव और श्रीचंद सचदेव के नाम दर्ज बताए गए हैं, जबकि शिकायत के विस्तृत विवरण में निर्मल सचदेव का उल्लेख है। आरोपियों के नामों में इस अंतर की पुलिस से पुष्टि किया जाना जरूरी है। फिलहाल, शिकायत में लगाए गए आरोपों के आधार पर मामला दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। आरोपों की सत्यता का निर्धारण जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही होगा।



