National Consumer Commission Verdict: सड़क हादसे में पति की मौत के बाद बीमा देने से इनकार करने पर कंपनी को झटका, 6% ब्याज सहित 20 लाख मुआवजा देने का आदेश
निचले आयोगों से राहत न मिलने के बाद राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने कबीरधाम की महिला के पक्ष में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। चार सप्ताह के भीतर भुगतान करने के निर्देश दिए गए हैं।

National Consumer Commission Verdict: पति की सड़क दुर्घटना में आकस्मिक मौत के बाद परिवार को आर्थिक संबल देने के लिए 20 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा था, लेकिन बीमा कंपनी ने क्लेम देने से साफ इनकार कर दिया था। महिला ने न्याय के लिए जिला और राज्य उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया, लेकिन वहां से भी निराशा ही हाथ लगी। आखिरकार, राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (NCDRC) ने पीड़ित महिला के पक्ष में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए निचले दोनों आयोगों के आदेशों को खारिज कर दिया।
चार सप्ताह के भीतर भुगतान करने के निर्देश
राष्ट्रीय आयोग ने बीमा कंपनी को कड़ा निर्देश देते हुए कहा है कि वह चार सप्ताह के भीतर 20 लाख रुपये की बीमा राशि का भुगतान करे। इसके साथ ही यह राशि पति की मृत्यु की तारीख से छह महीने बाद की अवधि से लेकर भुगतान की तिथि तक 6 प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज के साथ देनी होगी। अधिवक्ता राजेश भावनानी ने इस मामले की जानकारी देते हुए बताया कि यह पूरा कानूनी संघर्ष कबीरधाम जिले की बोड़ला तहसील के अंतर्गत आने वाले माराडबरा गांव की रहने वाली तिहारो चिचाम का है।
निचले आयोगों के फैसले को किया गया निरस्त
मामले के अनुसार, मृत व्यक्ति के नाम पर दुर्घटना बीमा लिया गया था, जिसकी अवधि के दौरान सड़क हादसे में उसकी मौत हो गई थी। बीमा कंपनी ने तकनीकी कारणों का हवाला देते हुए क्लेम राशि देने से मना कर दिया था। इसके खिलाफ पीड़ित महिला ने पहले जिला उपभोक्ता आयोग और फिर राज्य आयोग में अपील की थी, जहां से उसे राहत नहीं मिली। राष्ट्रीय आयोग ने मामले की गंभीरता को समझते हुए बीमा कंपनी के तर्कों को खारिज किया और उपभोक्ता के हित में यह बड़ा फैसला सुनाया।



