छत्तीसगढ़

Jal Jeevan Mission in Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में 1100 करोड़ रुपये का भुगतान अटकने से ठप पड़ी जल जीवन मिशन की योजनाएं, गांवों में सूखे पड़े नल

पंचायत और पीएचई विभाग के बीच समन्वय की कमी तथा ओएंडएम नीति लंबित होने के कारण मल्टी-विलेज योजनाओं का कार्य प्रभावित हुआ है।

Jal Jeevan Mission in Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में घर-घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने की केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘जल जीवन मिशन’ योजना गंभीर संकट के दौर से गुजर रही है। प्रशासनिक समन्वय की कमी और वित्तीय भुगतान में गतिरोध के चलते राज्य के कई गांवों में नल सूखे पड़े हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मल्टी-विलेज योजनाओं से जुड़े लगभग 1,100 करोड़ रुपये का भुगतान अटक गया है, जिसके कारण निर्माण एजेंसियों के सामने काम को आगे बढ़ाने में भारी आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

नीति के अभाव में अटकी केंद्रीय प्रतिपूर्ति

विशेषज्ञों और ठेकेदार संघ के अनुसार, पिछले एक साल से संचालन एवं रखरखाव (Operation & Maintenance – O&M) नीति का प्रस्ताव शासन स्तर पर लंबित पड़ा हुआ है। इस नीति के आधिकारिक अनुमोदन के बिना केंद्र सरकार से मिलने वाली प्रतिपूर्ति (Reimbursement) की प्रक्रिया पूरी तरह से अटक गई है। यही वजह है कि राज्य में कई स्थानों पर पानी की टंकियां और घर-घर तक बिछाई गई पाइपलाइनें पूरी तरह तैयार हो चुकी हैं, लेकिन प्रशासनिक औपचारिकताओं और भुगतान न होने के कारण जल आपूर्ति शुरू नहीं की जा सकी है।

विभागों के बीच तालमेल की कमी

छत्तीसगढ़ कांट्रैक्टर एसोसिएशन ने इस स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए दावा किया है कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) के बीच आपसी तालमेल और संवाद की भारी कमी है। इसके अलावा केंद्र और राज्य की वित्तीय प्रक्रिया में आ रहे गतिरोध ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। यदि समय रहते इस वित्तीय और प्रशासनिक अड़चन को दूर नहीं किया गया, तो ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल उपलब्ध कराने का यह बड़ा सरकारी लक्ष्य प्रभावित होता रहेगा।

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