Chhattisgarh High Court Ruling: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, एकतरफा तलाक की डिक्री रद्द; अब पति-पत्नी दोनों को अपनी बात रखने का मिलेगा पूरा मौका
रायपुर के योगेश और शीतल अग्रवाल मामले में हाईकोर्ट ने परिवार न्यायालय का आदेश किया खारिज। साक्ष्य दर्ज करने के बाद नए सिरे से फैसला देने के निर्देश।

Chhattisgarh High Court Ruling: छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने रायपुर के योगेश अग्रवाल और उनकी पत्नी शीतल अग्रवाल के बीच चल रहे एकतरफा तलाक के विवाद में एक अहम फैसला सुनाया है। हाई कोर्ट ने पत्नी की अर्जी पर साक्ष्य लेने से इनकार करने वाले परिवार न्यायालय के आदेश को रद्द करते हुए, दोनों पक्षों के साक्ष्य दर्ज कर नए सिरे से फैसला पारित करने का निर्देश दिया है।
क्या है पूरा मामला?
योगेश अग्रवाल ने रायपुर स्थित परिवार न्यायालय में अपनी पत्नी शीतल अग्रवाल के खिलाफ तलाक की याचिका दायर की थी, जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने उनके पक्ष में एकतरफा तलाक की डिक्री पारित कर दी थी। इस एकतरफा कार्रवाई के खिलाफ शीतल अग्रवाल ने परिवार न्यायालय में आवेदन देकर डिक्री को निरस्त करने और अपना पक्ष रखने का मौका देने की गुहार लगाई थी। हालांकि, परिवार न्यायालय ने उनकी अर्जी पर साक्ष्य लेने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद मामला हाईकोर्ट पहुंचा।
हाईकोर्ट ने की ये टिप्पणी
मामला न्यायमूर्ति रवींद्र कुमार अग्रवाल की अदालत में चला। हाईकोर्ट ने पारिवारिक मामलों में दोनों पक्षों को निष्पक्ष रूप से सुनने और साक्ष्य प्रस्तुत करने के अवसर के महत्व को रेखांकित करते हुए परिवार न्यायालय के उस आदेश को खारिज कर दिया, जिसमें पत्नी के साक्ष्य लेने से इनकार किया गया था। अब इस आदेश के बाद परिवार न्यायालय दोनों पक्षों के सावेक्षों और दस्तावेजों की जांच कर नए सिरे से मामले की सुनवाई करेगा।



