छत्तीसगढ़

Chhattisgarh Paddy Procurement: छत्तीसगढ़ में 15 नवंबर से शुरू होगी धान खरीदी, 27.50 लाख से अधिक किसानों से ₹3100 प्रति क्विंटल की दर से होगी खरीद

किसानों की सुविधा के लिए खुलेगा 360 नए उपार्जन केंद्र, कुल संख्या बढ़कर हुई 3100। 'तुंहर टोकन' एप से घर बैठे मिलेगा ऑनलाइन टोकन।

Chhattisgarh Paddy Procurement: छत्तीसगढ़ में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए समर्थन मूल्य पर धान खरीदी 15 नवंबर 2026 से प्रारंभ होने जा रही है। राज्य सरकार ने इस वर्ष 27.50 लाख से अधिक किसानों से ₹3100 प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदने का निर्णय लिया है, जिसमें प्रति एकड़ अधिकतम 21 क्विंटल धान की खरीदी की जाएगी। किसानों को अपनी उपज बेचने में किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सरकार ने पुख्ता और व्यापक प्रशासनिक तैयारियां की हैं।

3100 उपार्जन केंद्रों पर होगी खरीदी, 360 नए केंद्र जुड़े

किसानों को धान बेचने के लिए लंबी दूरी तय न करनी पड़े, इसके लिए इस वर्ष 360 नए उपार्जन केंद्र शुरू किए जा रहे हैं, जिससे प्रदेशभर में कुल उपार्जन केंद्रों की संख्या बढ़कर 3100 हो गई है। इसके साथ ही:

एग्रीस्टैक आईडी वाले किसान: पिछले वर्ष के सभी पंजीकृत किसानों को एग्रीस्टैक आईडी के आधार पर मान्य किया गया है, जिससे उन्हें अलग से पंजीयन या ऋण पुस्तिका दिखाने की आवश्यकता नहीं होगी।

बायोमेट्रिक व्यवस्था: वास्तविक किसानों से ही धान की खरीदी सुनिश्चित करने के लिए बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य रहेगा।

केंद्रीय पूल लक्ष्य: भारत सरकार के खाद्य विभाग द्वारा इस वर्ष छत्तीसगढ़ से केंद्रीय पूल में 73 लाख मीट्रिक टन चावल का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

‘तुंहर टोकन’ एप से घर बैठे मिलेगा डिजिटल टोकन

समितियों में किसानों की लंबी कतारों को खत्म करने और पारदर्शिता लाने के लिए खाद्य विभाग के ‘तुंहर टोकन’ मोबाइल एप का उपयोग किया जाएगा। किसान गूगल प्ले स्टोर से इस एप को डाउनलोड कर 24×7 ऑनलाइन टोकन प्राप्त कर सकते हैं:

प्रत्येक समिति की दैनिक खरीदी क्षमता का 70 प्रतिशत हिस्सा एप के जरिए तथा 30 प्रतिशत हिस्सा समिति स्तर से जारी होगा।

एप के माध्यम से मिलने वाले टोकन में 80 प्रतिशत प्राथमिकता लघु एवं सीमांत किसानों को तथा 20 प्रतिशत बड़े किसानों को दी जाएगी।

अवैध धान परिवहन और पुनर्चक्रण पर रोक के कड़े इंतजाम

धान के अवैध परिवहन और बिचौलियों पर लगाम कसने के लिए सुरक्षा और निगरानी तंत्र को बेहद मजबूत किया गया है:

इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर: इसके जरिए धान खरीदी की हर गतिविधि की मॉनिटरिंग होगी। शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए अति संवेदनशील केंद्रों पर 24 घंटे, संवेदनशील केंद्रों पर 48 घंटे और सामान्य केंद्रों पर 72 घंटे की समय-सीमा तय की गई है।

चेक पोस्ट और जांच दल: सीमावर्ती राज्यों से अवैध आवक रोकने के लिए 273 चेक पोस्ट और 131 सीमावर्ती उपार्जन केंद्र चिह्नित किए गए हैं, जहां विशेष जांच दल मुस्तैद रहेंगे।

क्यूआर कोड और लोकेशन ट्रैकिंग: चावल की प्रत्येक बोरी पर क्यूआर कोड आधारित स्कैनिंग होगी और परिवहन में लगे वाहनों में लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस अनिवार्य की गई है ताकि धान के पुनर्चक्रण को प्रभावी रूप से रोका जा सके।

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