छत्तीसगढ़

Bilaspur Arpa River News: 70 नालों के पानी के उपचार की बनेगी समग्र योजना, प्रदूषण रोकने पर जोर

बिलासपुर में अरपा नदी को प्रदूषण से बचाने 70 नालों के पानी के उपचार की समग्र कार्ययोजना बनेगी। प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने डीपीआर और निर्माण कार्यों में तेजी के निर्देश दिए।

Bilaspur Arpa River News, 6 अक्टूबर 2026। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने बिलासपुर नगर निगम की योजनाओं, विकास कार्यों और निर्माण परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। बिलासपुर कलेक्टोरेट में आयोजित बैठक में उन्होंने अरपा नदी को प्रदूषण से बचाने के लिए शहर के 70 छोटे-बड़े नालों के पानी के उपचार की समग्र कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रत्येक नाले की स्थिति और पानी की मात्रा का आकलन करते हुए विस्तृत डीपीआर तैयार करने तथा सभी तकनीकी पहलुओं का सूक्ष्म परीक्षण करने को कहा। बैठक में कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसएसपी रजनेश सिंह, नगर निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे और सूडा के सीईओ सुमित अग्रवाल मौजूद रहे।

प्रमुख सचिव ने अरपा नदी में नालों के जरिए पहुंच रहे दूषित पानी को रोकने के लिए किए जा रहे उपायों की जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि कुल 70 छोटे-बड़े नाले अरपा नदी में मिलते हैं। सोनमणि बोरा ने कहा कि इन नालों का पानी सीधे नदी में जाने से रोकने के लिए प्रभावी और दीर्घकालीन समाधान तैयार किया जाना जरूरी है। उन्होंने निर्देश दिए कि नालों के पानी का समुचित उपचार करने के बाद ही उसे नदी में प्रवाहित करने की व्यवस्था विकसित की जाए।

उन्होंने कहा कि डीपीआर तैयार करते समय प्रत्येक नाले की स्थिति, पानी की मात्रा, उपचार की तकनीकी व्यवहार्यता, भविष्य की जरूरतों और योजना के दीर्घकालीन प्रभावों का परीक्षण किया जाए। उन्होंने जल संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि आने वाला समय पानी का है, इसलिए सतही जल स्रोतों की स्वच्छता और संरक्षण को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

स्वच्छता और यातायात व्यवस्था में सुधार पर जोर

प्रमुख सचिव ने बिलासपुर शहर की साफ-सफाई और यातायात व्यवस्था की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि स्वच्छता के लिए किए जा रहे प्रयास लगातार जारी रहने चाहिए। नागरिकों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ ऐसी व्यवस्था विकसित की जाए, जिससे शहर में साफ-सफाई का स्तर लगातार बेहतर हो। यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने नगरीय निकायों में संचालित केंद्र और राज्य प्रवर्तित योजनाओं की प्रगति की जानकारी लेते हुए प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जाए और स्वीकृत सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरे किए जाएं। नगरीय सेवाओं से जुड़ी परियोजनाओं को लंबे समय तक उपयोगी बनाए रखने तथा आवश्यकता के अनुसार सौर ऊर्जा आधारित परियोजनाओं की संभावनाओं पर भी काम करने के निर्देश दिए।

नालंदा परिसर में 500 लोगों की बैठक क्षमता

बैठक में निर्माणाधीन एजुकेशन हब नालंदा परिसर की प्रगति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि 500 लोगों की बैठक क्षमता वाले नालंदा परिसर को आधुनिक शैक्षणिक केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। प्रथम तल का स्लैब पूरा हो चुका है, जबकि द्वितीय तल का स्लैब करीब 50 प्रतिशत पूरा हुआ है। प्रमुख सचिव ने निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए परियोजना को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।

542 अधोसंरचना कार्यों की समीक्षा

मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना और नगरीय अधोसंरचना से जुड़े कार्यों की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि बिलासपुर में अधोसंरचना मद के तहत कुल 542 कार्य स्वीकृत हैं। इनमें 334 कार्य पूरे, 182 कार्य प्रगतिरत और 26 कार्य अप्रारंभ हैं। प्रमुख सचिव ने प्रगतिरत कार्यों में तेजी लाने के साथ गुणवत्ता और निर्धारित समय-सीमा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए।

कमांड एंड कंट्रोल सेंटर में ITMS की कार्यप्रणाली देखी

समीक्षा बैठक के बाद सोनमणि बोरा ने कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसएसपी रजनेश सिंह और नगर निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे के साथ तारबाहर स्थित कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का निरीक्षण किया। उन्होंने यहां आईटीएमएस की कार्यप्रणाली और संचालन को देखा।

कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की व्यवस्था को उपयोगी बताते हुए उन्होंने शहर की यातायात और सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि तकनीक के बेहतर उपयोग से शहर की निगरानी और यातायात प्रबंधन को मजबूत किया जा सके।

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