छत्तीसगढ़

Chhattisgarh Environment News: वन महोत्सव में गूंजा ‘एक पेड़, एक जीवन’ का संदेश,वन मंत्री केदार कश्यप ने पौधरोपण के साथ दिलाया संरक्षण का संकल्प

मैंदा प्रजाति का पौधा लगाकर किया वन महोत्सव का शुभारंभ, पेड़ों को राखी बांधकर दिया संरक्षण का संदेश

Kondagaon Forest Festival 2026: कोंडागांव जिले के विश्रामपुरी क्षेत्र में वनमंडल स्तरीय वन महोत्सव-2026 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने मैंदा प्रजाति का पौधा लगाकर वन महोत्सव का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने के साथ उनकी नियमित देखभाल और सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाने की अपील की।

एक पेड़, एक जीवन’ को जनअभियान बनाने पर जोर

बड़ेराजपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत बीरापारा के अंतर्गत ग्राम बावनपुरी, विश्रामपुरी में आयोजित कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, विद्यार्थियों और ग्रामीणों ने उत्साह के साथ भाग लिया। केदार कश्यप ने “हमारा संकल्प—एक पेड़, एक जीवन; हरित भारत, स्वस्थ भारत” का संदेश देते हुए पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि पौधरोपण केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि भावी पीढ़ियों के सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य से जुड़ा संकल्प है। एक पौधा पर्यावरण संतुलन, स्वच्छ हवा, जल संरक्षण और जैव विविधता को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसलिए पौधा लगाने के साथ उसे पेड़ बनने तक सुरक्षित रखना भी उतना ही जरूरी है।

पेड़ों को राखी बांधकर दिया संरक्षण का संदेश

वन महोत्सव के दौरान पेड़ों को राखी बांधकर प्रकृति के प्रति प्रेम और जिम्मेदारी का संदेश दिया गया। मंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में प्रकृति को परिवार का हिस्सा माना गया है। पेड़ को राखी बांधना उसके संरक्षण और संवर्धन की जिम्मेदारी स्वीकार करने का प्रतीक है।

उन्होंने कहा कि जंगल केवल हरियाली का क्षेत्र नहीं, बल्कि मानव जीवन, वन्यजीवों और जैव विविधता का आधार हैं। प्रकृति की सुरक्षा से ही वर्तमान के साथ आने वाली पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित किया जा सकता है।

बच्चों के लिए हरा-भरा भविष्य बनाने पर जोर

केदार कश्यप ने कहा कि बच्चों के बेहतर विकास के लिए स्वच्छ, सुरक्षित और हरा-भरा वातावरण जरूरी है। इसी दिशा में केशकाल विधानसभा क्षेत्र के शासकीय संस्थानों में ग्रीन बाउंड्री विकसित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

उन्होंने विद्यार्थियों से विद्यालय और आसपास लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने की अपील की। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण में बच्चों और युवाओं की भागीदारी अभियान को अधिक प्रभावी और स्थायी बना सकती है।

‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से जुड़ने की अपील

कार्यक्रम के दौरान नागरिकों से ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से जुड़ने की अपील की गई। लोगों से अपनी मां और परिवार के सदस्यों के नाम पर पौधे लगाने तथा उन्हें नियमित रूप से संरक्षित करने का आग्रह किया गया।

मंत्री ने कहा कि वन संरक्षण और वन क्षेत्र के विस्तार के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। हरित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सरकारी प्रयासों के साथ समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी जरूरी है।

वनवासियों की आय बढ़ाने पर भी फोकस

वन मंत्री ने ग्रामीणों से अवैध एवं अनावश्यक वृक्ष कटाई रोकने, पौधरोपण बढ़ाने और जंगलों की सुरक्षा में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। उन्होंने लघु वनोपज के संग्रहण और प्रसंस्करण से मिलने वाले आर्थिक लाभों का अधिकतम उपयोग करने के लिए भी प्रेरित किया।

उन्होंने कहा कि वन संरक्षण के साथ वनवासियों की आजीविका को मजबूत करना भी प्राथमिकता है। वन विभाग की योजनाओं के माध्यम से वनों पर निर्भर परिवारों की आर्थिक स्थिति बेहतर बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।

हितग्राहियों और छात्राओं को मिली आर्थिक सहायता

वन महोत्सव के दौरान राज मोहिनी देवी अनुदान योजना के तहत तीन हितग्राहियों को सहायता राशि के चेक वितरित किए गए। वहीं प्रतिभाशाली छात्रवृत्ति योजना के तहत छह छात्राओं को कुल 1.20 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई।

वर्ष 2026 में सर्वाधिक तेंदूपत्ता संग्रहण करने वाले तीन संग्राहकों को 1.31 लाख रुपये, जबकि वर्ष 2023 के तीन संग्राहकों को 48,606 रुपये की राशि के चेक दिए गए। वन संरक्षण और संवर्धन में उल्लेखनीय योगदान देने वाली आठ संयुक्त वन प्रबंधन समितियों और 11 कर्मचारियों को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित भी किया गया।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों, विद्यार्थियों, वन विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। सभी ने पौधे लगाने, उनकी देखभाल करने और पर्यावरण संरक्षण को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया।

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