Chhattisgarh Environment Meeting: सिर्फ पौधे लगाना नहीं, उन्हें जीवित रखना सबसे बड़ी जिम्मेदारी, उद्योगों के साथ बैठक में पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी की दोटूक
हर उद्योग में 33 प्रतिशत ग्रीन बेल्ट और प्रति हेक्टेयर 2500 पौधे लगाना अनिवार्य, नवा रायपुर बनेगा "पीपल सिटी"

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार औद्योगिक विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को लेकर पूरी तरह गंभीर है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के विजन के अनुरूप, आज रायपुर के बेबीलॉन कैपिटल में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार निवेश-अनुकूल वातावरण तैयार कर रही है, लेकिन पर्यावरणीय मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने उद्योगों को निर्देशित किया कि स्वच्छ हवा, स्वच्छ जल और सुरक्षित पर्यावरण आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
हर उद्योग में 33% ग्रीन बेल्ट और मियावाकी पद्धति पर जोर
मंत्री ओ.पी. चौधरी ने उद्योगों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि केवल लक्ष्य पूरा करने के लिए पौधे न लगाएं, बल्कि उनका जीवित रहना और संरक्षण सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी उद्योगों को अपने परिसर के न्यूनतम 33 प्रतिशत क्षेत्र में त्रि-स्तरीय (थ्री-लेयर) सघन ग्रीन बेल्ट विकसित करने और प्रति हेक्टेयर 2,500 पौधे लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने रोपण के लिए पीपल, नीम, आम और कटहल जैसी स्थानीय व दीर्घायु प्रजातियों को चुनने तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सुझाई गई ‘मियावाकी पद्धति’ जैसी आधुनिक तकनीकों को अपनाने पर जोर दिया। इसके साथ ही 31 जुलाई तक वृक्षारोपण का लक्ष्य पूरा करने और 15 अगस्त तक गुणवत्तापूर्ण पौधरोपण सुनिश्चित करने की समय-सीमा तय की गई है, जिसकी ऑनलाइन मॉनिटरिंग पोर्टल के जरिए होगी।
नवा रायपुर बनेगा “पीपल सिटी”, सेंध लेक में बन रहा “बर्ड आइलैंड”
बैठक में पर्यावरण मंत्री ने एक बड़ी योजना साझा करते हुए बताया कि नवा रायपुर को “पीपल सिटी” के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहाँ पहले से लगे 70 हजार पौधों के अलावा अगले 5 वर्षों में 1 लाख से अधिक पीपल के पौधे लगाए जाएंगे। इसके अलावा, नवा रायपुर की प्रसिद्ध सेंध (Sendh) लेक के गहरीकरण से 12 -लाख घन मीटर अतिरिक्त जल भंडारण क्षमता विकसित की जा रही है। झील के बीच स्थित 3 एकड़ के द्वीप पर मियावाकी तकनीक से 25 हजार पौधे लगाकर प्रवासी पक्षियों के लिए एक प्राकृतिक “बर्ड आइलैंड” (ईको-हब) तैयार किया जा रहा है।
आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव तथा छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के अध्यक्ष अंकित आनंद ने बताया कि इस वर्ष उद्योगों के सहयोग से 25 लाख से 30 लाख पौधरोपण का लक्ष्य है, जिसमें से 22 -लाख पौधे लगाए जा चुके हैं। उन्होंने यह भी बताया कि 320 से अधिक उद्योगों में ऑनलाइन सतत उत्सर्जन निगरानी प्रणाली से 24 घंटे लाइव मॉनिटरिंग की जा रही है। सदस्य सचिव राजू अगसिमनी ने भी उद्योगों को प्रदूषण नियंत्रण मानकों का कड़ाई से पालन करने को कहा है।



