जल जीवन मिशन 2.0: छत्तीसगढ़ में पंचायतों को मिलेगी पेयजल योजनाओं की कमान, होगा सोशल ऑडिट
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय बैठक संपन्न; हर घर शुद्ध जल और पारदर्शिता के लिए वाटर मीटर लगाने व ग्राम सभाओं में चर्चा पर हुआ मंथन

Bol Bharat 24 News Raipur: छत्तीसगढ़ में ग्रामीण पेयजल योजनाओं के दीर्घकालिक और सुचारू संचालन को लेकर मंत्रालय (महानदी भवन) में मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बैठक संपन्न हुई। जल जीवन मिशन 2.0 के तहत आयोजित इस बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) के अधिकारियों के साथ संचालन एवं रखरखाव नीति पर व्यापक चर्चा की गई। सरकार का मुख्य उद्देश्य राज्य के हर ग्रामीण घर में प्रतिदिन नल से शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करना है।
इस नई नीति के तहत राज्य में निर्मित सभी नल-जल योजनाओं की संस्थागत व्यवस्था को पूरी तरह से ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित किया जाएगा। इन योजनाओं का रख-रखाव ‘ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों’ के माध्यम से जन-सहभागिता के साथ किया जाएगा। व्यवस्था में पारदर्शिता और पानी की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए अनिवार्य रूप से सोशल ऑडिट (सामाजिक अंकेक्षण) कराया जाएगा और हर गाँव की ग्राम सभा में इस विषय पर चर्चा होना अनिवार्य होगा।
योजनाओं के वित्तीय प्रबंधन और पानी की बर्बादी को रोकने के लिए बैठक में उचित जल शुल्क निर्धारण और भविष्य में वाटर मीटर लगाने पर भी गंभीरता से विचार-विमर्श किया गया। बैठक में पीएचई सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुलहक ने नीति का प्रारूप प्रस्तुत किया, जबकि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव भीम सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।



