Dantewada News: नक्सलवाद से मिले घावों पर मरहम लगाकर हर पीड़ित को सम्मानपूर्ण जीवन देना हमारा संकल्प: केंद्रीय गृह मंत्री
दंतेवाड़ा में तीन दिवसीय निःशुल्क दिव्यांगजन कृत्रिम अंग वितरण शिविर का शुभारंभ, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्वास और विकास पर जोर।

Dantewada News: छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में नक्सली हिंसा से प्रभावित और दिव्यांग हुए नागरिकों के जीवन में नई उम्मीद जगाने के उद्देश्य से एक विशेष तीन दिवसीय निःशुल्क कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण वितरण शिविर का शुभारंभ किया गया। प्रधानमंत्री के सेवा और समर्पण के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित इस कार्यक्रम में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री और मुख्यमंत्री वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्य रूप से जुड़े। इस दौरान अतिथियों ने नक्सलवाद के खात्मे के बाद अब पीड़ितों के पुनर्वास और उनके जीवन को सुगम बनाने पर विशेष जोर दिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि नक्सलवाद समाप्त होने के बाद अब उससे मिले गहरे घावों पर मरहम लगाना और हर पीड़ित को सम्मानपूर्ण जीवन देना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि दशकों तक बस्तर के गरीब और आदिवासी परिवारों ने जो पीड़ा झेली है, उसे मिटाकर इस क्षेत्र को फिर से खुशहाल बनाना है। केंद्र सरकार नक्सल हिंसा से प्रभावित प्रत्येक व्यक्ति के पुनर्वास और आत्मनिर्भरता के लिए छत्तीसगढ़ सरकार के साथ पूरी ताकत से खड़ी है। शिविर के माध्यम से दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा जिलों के कुल 768 दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग और अन्य जरूरी उपकरण प्रदान किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और गृह मंत्री के दृढ़ संकल्प से आज छत्तीसगढ़ नक्सलवाद के अभिशाप से मुक्त हो चुका है। अब इस नक्सलमुक्त बस्तर को देश का सबसे विकसित जनजातीय क्षेत्र बनाना हमारी प्राथमिकता है। ‘नियद नेल्लानार’ योजना और विकास कार्यों के जरिए दूरस्थ अंचलों तक शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाएं तेजी से पहुंच रही हैं, जिससे बस्तर की तस्वीर बदल रही है।
राज्य सरकार के प्रयासों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर के 200 से अधिक सुरक्षा शिविरों को अब ‘शहीद वीर गुंडाधुर सेवा डेरा’ के रूप में विकसित किया जा रहा है, जो भविष्य में रोजगार, कौशल विकास और स्वरोजगार के प्रमुख केंद्र बनेंगे। इसके अलावा आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के लिए लगातार ऐतिहासिक कदम उठाए जा रहे हैं, जिससे क्षेत्र में शांति और समृद्धि का नया दौर शुरू हो चुका है।
कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री ने भी नक्सली हिंसा के पीड़ितों की पीड़ा साझा करते हुए कहा कि प्रशासन का यह मानवीय प्रयास पीड़ितों के जीवन में नई रोशनी लाएगा। शिविर में पहुंचे कई दिव्यांगजनों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कृत्रिम अंग मिलने पर खुशी जताई और इसे अपने जीवन का एक नया अध्याय बताया।
इस भव्य और संवेदनशील आयोजन में स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण व हितग्राही उपस्थित रहे। प्रशासन द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि शिविर में आने वाले प्रत्येक जरूरतमंद व्यक्ति तक शासन की योजनाओं और सहायता का पूरा लाभ पहुंचे।



