Independence Day 2026: 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले में प्रधानमंत्री मोदी ने लाल किले से देश को किया संबोधित
स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से संबोधन; 'अर्बन नक्सल' और 'अराजकता फैलाने वाले तत्वों' को बेनकाब करने का आह्वान

नई दिल्ली/रायपुर, 15 अगस्त 2026 : भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के ऐतिहासिक अवसर पर राजधानी दिल्ली स्थित लाल किले की प्राचीर से राष्ट्रध्वज फहराकर देश को संबोधित किया गया। संबोधन के दौरान देश की आंतरिक सुरक्षा और वैचारिक चुनौतियों पर बेहद कड़ा और स्पष्ट रुख अपनाया गया। देश को आश्वस्त करते हुए कहा गया कि बंदूक और हिंसा की राजनीति करने वाला सशस्त्र नक्सलवाद अब अपनी अंतिम सांसें गिन रहा है और 125 से अधिक जिलों से सिमटकर महज 20 जिलों तक सीमित रह गया है।
संबोधन में देश को आगाह करते हुए कहा गया कि बंदूक वाले नक्सलवाद का तो सफाया हो चुका है, लेकिन अब ‘दिमागी नक्सली’ (इंटेलेक्चुअल/अर्बन नक्सल) देश में नई अराजकता और भ्रम फैलाने की फिराक में हैं। स्पष्ट शब्दों में रेखांकित किया गया कि हथियारबंद नक्सली खत्म हो रहे हैं, लेकिन दिमागी रूप से वैचारिक जहर और सामाजिक तनाव फैलाने की साजिश रचने वालों के प्रति देश को सतर्क रहना होगा। ऐसी ताकतों को समाज से पूरी तरह आइसोलेट (पृथक) करना ही होगा।
संबोधन के दौरान छत्तीसगढ़ सहित देश के जनजातीय और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों का उल्लेख करते हुए कहा गया कि जिन इलाकों में कभी गोलियों की गूंज और खून-खराबा होता था, आज वहां विकास के नए कॉरिडोर का निर्माण हो रहा है और संविधान का तिरंगा शान से लहरा रहा है। यह भी साफ किया गया कि ‘विकसित भारत 2047’ के निर्माण के मार्ग में देश की एकता और सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी तंत्र को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।



