Kanger Valley National Park Safari: बस्तर के कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में 12 दिन पहले शुरू हुआ सफारी सत्र, पर्यटक ले सकेंगे जिप्सी सफारी और बम्बू राफ्टिंग का आनंद
वन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में इस बार समय से पहले पर्यटकों के लिए खुला पार्क। कोटमसर गुफा, तीरथगढ़ जलप्रपात और धुरवा जनजातीय नृत्य रहेगा मुख्य आकर्षण।

Kanger Valley National Park Safari: छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के प्रसिद्ध ‘कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान’ (Kanger Valley National Park) में इस वर्ष पर्यटकों के लिए सफारी सत्र निर्धारित समय से 12 दिन पहले ही आरंभ कर दिया गया है। वन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन और निर्देशानुसार पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह बड़ा निर्णय लिया गया है। सत्र के इस शुरुआती शुभारंभ से प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। वे अब पार्क की समृद्ध जैव विविधता और साहसिक गतिविधियों का भरपूर लुत्फ उठा सकेंगे।
जिप्सी सफारी से लेकर बम्बू राफ्टिंग तक का रोमांच
मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) उत्तम गुप्ता ने मंगलवार को इस नए सत्र का पहला टिकट जारी कर जिप्सी सफारी का औपचारिक शुभारंभ किया। इस सत्र में पर्यटक कोटमसर गुफा, कांगेर धारा और प्रसिद्ध तीरथगढ़ जलप्रपात की प्राकृतिक सुंदरता का दीदार कर सकेंगे। इसके अलावा, मांझीपाल क्षेत्र में पर्यटकों के लिए बम्बू राफ्टिंग और कयाकिंग जैसी रोमांचक साहसिक गतिविधियां भी शुरू की गई हैं, जिससे बस्तर की यात्रा और भी यादगार बन जाएगी।
धुरवा जनजातीय नृत्य और प्लास्टिक मुक्त अभियान
पर्यटकों को छत्तीसगढ़ की माटी और बस्तर की प्राचीन जनजातीय संस्कृति से रूबरू कराने के लिए कोटमसर बैरियर पर ‘धुरवा जनजातीय नृत्य’ का विशेष आयोजन किया जा रहा है, जिससे स्थानीय कलाकारों को रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे। इसके साथ ही, पर्यावरण संरक्षण को सर्वोपरि रखते हुए इस बार उद्यान प्रबंधन ने ‘प्लास्टिक मुक्त सफारी’ पर विशेष जोर दिया है। उद्यान निदेशक गौतम नारायण पडिभार के निर्देशों के तहत पार्क के अंदर प्लास्टिक ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है।



