PM-SETU Scheme Chhattisgarh: कौशल विकास से खुलेंगे रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर, विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में युवाओं की होगी महत्वपूर्ण भूमिका : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
प्रदेश के 30 शासकीय आईटीआई बनेंगे आधुनिक एवं उद्योगोन्मुखी कौशल विकास केंद्र

PM-SETU Scheme Chhattisgarh, 13 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ में युवाओं को आधुनिक तकनीक और उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षित करने के लिए प्रदेश के 30 शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) का कायाकल्प किया जाएगा। प्रधानमंत्री स्किलिंग एंड एम्प्लॉयबिलिटी ट्रांसफॉर्मेशन थ्रू अपग्रेडेड आईटीआई (PM-SETU) योजना के तहत राज्य के छह क्लस्टरों में पांच वर्षों के दौरान लगभग 1,446 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की उपस्थिति में मंत्रालय महानदी भवन में दुर्ग और बस्तर क्लस्टर के लिए भिलाई स्टील प्लांट (BSP) तथा एनएमडीसी लिमिटेड के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस पहल का उद्देश्य आईटीआई में प्रशिक्षण को उद्योगों की वास्तविक आवश्यकताओं से जोड़ना और युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर बढ़ाना है।
उद्योगों की जरूरतों के अनुसार तैयार होंगे युवा
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के युवाओं को आधुनिक तकनीक और औद्योगिक आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल से सशक्त बनाना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। तेजी से बदलती तकनीक और उद्योगों की जरूरतों के अनुसार युवाओं को प्रशिक्षित करने से उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण को गति मिलेगी।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में कौशल विकास को रोजगार और औद्योगिक प्रगति से जोड़ने के लिए व्यापक स्तर पर काम किया जा रहा है। पीएम-सेतु योजना के माध्यम से आईटीआई को केवल प्रशिक्षण संस्थान तक सीमित न रखकर आधुनिक कौशल, नवाचार, रोजगार और उद्यमिता के केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में नए उद्योगों और निवेश के विस्तार के साथ प्रशिक्षित मानव संसाधन की मांग भी बढ़ रही है। सरकार का प्रयास है कि उद्योगों को उनकी जरूरत के अनुसार दक्ष कर्मचारी छत्तीसगढ़ में ही उपलब्ध हों और प्रदेश के युवाओं को अपने कौशल के अनुरूप रोजगार मिल सके।
छह क्लस्टरों में 30 आईटीआई का होगा उन्नयन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर शुरू की गई पीएम-सेतु योजना के अंतर्गत देशभर के 1,000 शासकीय आईटीआई को आधुनिक बनाने के लिए लगभग 60 हजार करोड़ रुपये के निवेश का प्रावधान किया गया है। इसका उद्देश्य औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में आधुनिक तकनीक, उपकरण और प्रशिक्षण सुविधाएं विकसित करना तथा युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ाना है।
छत्तीसगढ़ में योजना के क्रियान्वयन के लिए दुर्ग, कोरबा, सरगुजा, बस्तर, रायगढ़ और रायपुर सहित छह क्लस्टर चयनित किए गए हैं। इनमें छह हब आईटीआई और 24 स्पोक आईटीआई शामिल होंगे। इस तरह कुल 30 शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों का उन्नयन प्रस्तावित है।
योजना के तहत पांच वर्षों में प्रत्येक क्लस्टर पर लगभग 241 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव है। निवेश का संस्थानवार प्रावधान इस प्रकार है:
हब आईटीआई: प्रत्येक संस्थान के लिए 81 करोड़ रुपये।
स्पोक आईटीआई: प्रत्येक संस्थान के लिए 40 करोड़ रुपये।
कुल प्रस्तावित निवेश: लगभग 1,446 करोड़ रुपये।
वित्तीय सहभागिता: केंद्र सरकार 50 प्रतिशत, राज्य सरकार 33 प्रतिशत और उद्योग भागीदार 17 प्रतिशत।
इस राशि से आईटीआई में आधुनिक मशीनें, उपकरण, प्रयोगशालाएं और तकनीकी संसाधन विकसित किए जाएंगे। प्रशिक्षण सुविधाओं को उद्योगों की वर्तमान और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जाएगा।
दुर्ग क्लस्टर में भिलाई स्टील प्लांट बनेगा उद्योग भागीदार
दुर्ग क्लस्टर के लिए स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) की इकाई भिलाई स्टील प्लांट को एंकर इंडस्ट्री पार्टनर बनाया गया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की उपस्थिति में इस संबंध में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।
इस क्लस्टर में शासकीय आईटीआई दुर्ग को हब आईटीआई बनाया जाएगा। वहीं शासकीय आईटीआई भिलाई, महिला आईटीआई भिलाई, राजनांदगांव और डौंडीलोहारा को स्पोक आईटीआई के रूप में शामिल किया गया है।
भिलाई स्टील प्लांट के औद्योगिक अनुभव और विशेषज्ञता का लाभ प्रशिक्षण व्यवस्था को मिलेगा। इससे विद्यार्थियों को आधुनिक मशीनों, औद्योगिक तकनीकों और कार्यप्रणाली के अनुरूप व्यावहारिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। उद्योगों की जरूरतों के अनुसार पाठ्यक्रम और प्रशिक्षण सुविधाओं को विकसित करने पर भी जोर दिया जाएगा।
बस्तर के युवाओं को आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण का अवसर
बस्तर क्लस्टर के लिए एनएमडीसी लिमिटेड एंकर इंडस्ट्री पार्टनर के रूप में शामिल होगा। मुख्यमंत्री की उपस्थिति में एनएमडीसी के साथ भी समझौता ज्ञापन संपन्न हुआ।
इस क्लस्टर में शासकीय आईटीआई बस्तर को हब आईटीआई बनाया जाएगा। वहीं जगदलपुर, गीदम, कोंडागांव और नारायणपुर के शासकीय आईटीआई को स्पोक आईटीआई के रूप में शामिल किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर जैसे जनजातीय और दूरस्थ क्षेत्रों के युवाओं तक गुणवत्तापूर्ण तकनीकी प्रशिक्षण पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। एनएमडीसी जैसे औद्योगिक संस्थान की सहभागिता से युवाओं को आधुनिक औद्योगिक कौशल सीखने और स्थानीय सहित प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में उपलब्ध रोजगार के अवसरों का लाभ उठाने में मदद मिलेगी।
सरगुजा और कोरबा क्लस्टर में भी उद्योगों की भागीदारी
सरगुजा क्लस्टर के लिए साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) ने एंकर इंडस्ट्री पार्टनर के रूप में भागीदारी की सहमति दी है। इस क्लस्टर के लिए टाटा IIS का चयन ऑपरेटिंग पार्टनर के रूप में किया गया है। समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर की स्वीकृति के लिए प्रकरण विभाग को प्रस्तुत किया गया है। साथ ही, एमओयू के प्रारूप में आवश्यक संशोधन के लिए इसे एसईसीएल को भेजा गया है।
कोरबा क्लस्टर के लिए एनटीपीसी कोरबा ने एंकर इंडस्ट्री पार्टनर के रूप में भागीदारी की सहमति दी है। इस क्लस्टर में ऑपरेटिंग पार्टनर के चयन की प्रक्रिया जारी है।
रायपुर और रायगढ़ क्लस्टर के लिए निविदा प्रक्रिया जारी
रायपुर और रायगढ़ क्लस्टर के लिए एंकर इंडस्ट्री पार्टनर के चयन की प्रक्रिया भी चल रही है। इसके लिए राज्य के ई-प्रोक्योरमेंट पोर्टल के माध्यम से निविदाएं जारी की गई हैं।
रायपुर क्लस्टर के संबंध में हीरा ग्रुप से प्राप्त प्रश्नों का निराकरण किया जा चुका है। वहीं रायगढ़ क्लस्टर के लिए एनटीपीसी लारा से संपर्क किया गया है। योजना में सहभागिता और उसके क्रियान्वयन को लेकर प्रारंभिक चर्चा की जा रही है।
हब-स्पोक मॉडल से मजबूत होगा प्रशिक्षण नेटवर्क
पीएम-सेतु योजना के तहत हब और स्पोक मॉडल के माध्यम से आईटीआई के बीच आधुनिक उपकरणों, तकनीकी संसाधनों, विशेषज्ञता और प्रशिक्षण सुविधाओं का बेहतर समन्वय स्थापित किया जाएगा।
हब आईटीआई को उन्नत प्रशिक्षण और संसाधनों के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इनसे जुड़े स्पोक आईटीआई भी उपलब्ध सुविधाओं और विशेषज्ञता का लाभ उठा सकेंगे। इससे अलग-अलग क्षेत्रों के युवाओं तक गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण की पहुंच बढ़ेगी।
उद्योग भागीदारों की सक्रिय भागीदारी से प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों को समय-समय पर उद्योगों की बदलती जरूरतों के अनुसार तैयार करने, प्रशिक्षकों का कौशल उन्नयन करने और विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव देने में सहायता मिलेगी।
कौशल विकास से रोजगार और स्वरोजगार को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा, कौशल, उद्योग और रोजगार को आपस में जोड़कर युवाओं के लिए अवसरों का मजबूत तंत्र तैयार कर रही है। औद्योगिक निवेश बढ़ने के साथ युवाओं को भविष्य की तकनीकों और आधुनिक औद्योगिक आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि लक्ष्य केवल युवाओं को रोजगार दिलाना नहीं, बल्कि उन्हें अपने कौशल और नवाचार के माध्यम से रोजगार सृजित करने में भी सक्षम बनाना है। कौशल विकास से रोजगार, स्वरोजगार और उद्यमिता के नए रास्ते खुलेंगे और युवा विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
रोजगार, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि पीएम-सेतु योजना प्रदेश के युवाओं के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण पहल है। आईटीआई के आधुनिकीकरण और उद्योगों की प्रत्यक्ष भागीदारी से युवाओं को गुणवत्तापूर्ण तथा रोजगारपरक प्रशिक्षण मिलेगा। इससे उनके कौशल में सुधार के साथ रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
कार्यक्रम में ये अधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के सचिव बसव राजू, संचालक हेमंत नंदनवार, एनएमडीसी के कार्यपालक निदेशक संजीव साही, सेल के पवन कुमार सहित संबंधित विभागों और औद्योगिक संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।



