छत्तीसगढ़

Raigarh News: आदिवासी समाज का इतिहास गौरवशाली, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सारसमाल में कर्मा पूजा महोत्सव में किया पारंपरिक नृत्य

रायगढ़ जिले के तमनार विकासखंड स्थित सारसमाल में आयोजित उरांव समाज के कर्मा महोत्सव में शामिल हुए मुख्यमंत्री, मांदर की थाप पर थिरके और युवाओं को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने का दिया संदेश।

Raigarh News: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि आदिवासी समाज का इतिहास शौर्य, स्वाभिमान, संघर्ष और प्रकृति के प्रति अगाध श्रद्धा का एक गौरवशाली इतिहास है। हमारी जनजातीय संस्कृति में प्रकृति केवल जीवन का आधार नहीं, बल्कि आराध्य है और जल, जंगल व जमीन के संरक्षण की जो सीख इस समाज ने दी है, वह पूरी दुनिया के लिए प्रेरणादायी है। मुख्यमंत्री आज रायगढ़ जिले के तमनार विकासखंड अंतर्गत ग्राम सारसमाल में उरांव समाज विकास समिति द्वारा आयोजित भव्य ‘कर्मा पूजा महोत्सव’ को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।

कार्यक्रम के दौरान जनजातीय संस्कृति की जीवंत छटा उस समय और मनोहारी हो उठ जब कर्मा दलों के आग्रह पर मुख्यमंत्री स्वयं मांदर लेकर समाजजनों के बीच पहुंच गए। मांदर की थाप और पारंपरिक लोकधुनों के बीच मुख्यमंत्री ने महिला-पुरुषों के साथ पारंपरिक कर्मा नृत्य किया। मुख्यमंत्री की इस आत्मीय और सहज सहभागिता से वहां मौजूद समाजजनों में भारी उत्साह देखने को मिला। इससे पहले उन्होंने भगवान करम देव तथा आराध्य देव भगवान शिव और माता पार्वती की विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।

मुख्यमंत्री ने कर्मा तिहार की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जनजातीय समाज ने देश की संस्कृति और स्वतंत्रता संग्राम में अविस्मरणीय योगदान दिया है। भगवान बिरसा मुंडा, शहीद वीर नारायण सिंह और गुंडाधुर जैसे महानायकों के संघर्ष से नई पीढ़ी को परिचित कराना हम सभी का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि आज देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर एक जनजातीय महिला राष्ट्रपति के रूप में आसीन हैं, जो समाज के बढ़ते सम्मान का प्रतीक है। नया रायपुर में स्थापित जनजातीय संग्रहालय भी हमारी समृद्ध विरासत को सहेजने का एक बड़ा माध्यम है।

युवाओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा ही समाज की प्रगति का सबसे सशक्त माध्यम है और युवाओं को बड़े लक्ष्य तय कर आगे बढ़ना चाहिए। आदिवासी विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए प्रयास आवासीय विद्यालयों और आधुनिक नालंदा परिसरों का विस्तार किया जा रहा है। इसके अलावा दिल्ली में जनजातीय विद्यार्थियों के लिए छात्रावास की क्षमता बढ़ाई गई है ताकि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

सरकार की प्राथमिकताओं का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय अंचलों में अंतिम व्यक्ति तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने के लिए धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान और पीएम-जनमन जैसी योजनाएं चलाई जा रही हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल और आजीविका के नए अवसरों के जरिए दूरस्थ क्षेत्रों का तेजी से विकास किया जा रहा है, जिससे हर परिवार विकास की मुख्यधारा से जुड़ सके।

इस भव्य आयोजन में राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह और उरांव समाज विकास समिति के अध्यक्ष पनत राम भगत सहित बड़ी संख्या में समाजजन, स्थानीय जनप्रतिनिधि और ग्रामीण उपस्थित रहे। मांदर और ढोल की थाप पर सजे इस सांस्कृतिक महोत्सव ने एक बार फिर आदिवासी परंपराओं और सामाजिक एकजुटता की मिसाल पेश की, जिसने सभी का मन मोह लिया।

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