Sukma Flood Relief: बाढ़ प्रभावितों से मिले CM साय, 300 परिवारों को 10-10 हजार की अतिरिक्त सहायता
सुकमा के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का CM विष्णु देव साय ने दौरा किया। करीब 300 परिवारों को मुख्यमंत्री राहत कोष से 10-10 हजार रुपये की अतिरिक्त सहायता मिलेगी।

Sukma Flood Relief रायपुर, 28 सितंबर 2026। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोमवार को सुकमा जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने शबरीनगर, श्रीनगर, लाइनपारा सहित विभिन्न इलाकों में बाढ़ की स्थिति और राहत कार्यों का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों को भरोसा दिलाया कि संकट की इस घड़ी में सरकार उनके साथ है और राहत एवं पुनर्वास में किसी तरह की कमी नहीं होने दी जाएगी।
राहत शिविर में व्यवस्थाओं का लिया जायजा
मुख्यमंत्री ने शबरीनगर में बनाए गए राहत एवं स्वास्थ्य शिविर का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रभावित लोगों के लिए उपलब्ध भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधाओं और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इस दौरान मुख्यमंत्री ने शिविर में रह रहे प्रभावित लोगों को स्वयं भोजन परोसा और उनसे बातचीत कर उनकी समस्याएं जानीं।
उन्होंने बाढ़ प्रभावित परिवारों के घर पहुंचकर भी नुकसान की जानकारी ली। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि प्रभावित लोगों की जरूरतों के अनुसार सहायता पहुंचाने में किसी प्रकार की देरी न हो।
करीब 300 परिवारों को मिलेगी 10-10 हजार रुपये की अतिरिक्त सहायता
मुख्यमंत्री ने बाढ़ में घरों में रखे सामान के नुकसान से प्रभावित करीब 300 परिवारों को मुख्यमंत्री राहत कोष से 10-10 हजार रुपये की अतिरिक्त आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए हैं। यह सहायता आरबीसी 6-4 के तहत पात्रता के अनुसार मिलने वाली राशि के अतिरिक्त होगी।
आरबीसी 6-4 के तहत शीघ्र मुआवजे के निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को बाढ़ से मकानों, घरेलू सामान और अन्य परिसंपत्तियों को हुए नुकसान का प्राथमिकता के आधार पर आकलन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पात्र प्रभावित परिवारों को आरबीसी 6-4 के प्रावधानों के तहत मिलने वाली क्षतिपूर्ति राशि जल्द उपलब्ध कराई जाए।
कोंटा क्षेत्र में भी लिया बाढ़ से नुकसान का जायजा
मुख्यमंत्री ने कोंटा क्षेत्र में भी बाढ़ से हुए नुकसान का निरीक्षण किया। लगातार बारिश के बाद शबरी नदी का जलस्तर बढ़ने से नदी किनारे के गांवों और कोंटा नगर पालिका के चार वार्डों में जलभराव हुआ था। प्रभावित लोगों के लिए कोंटा क्षेत्र में 19 राहत केंद्रों में ठहरने, भोजन और पेयजल सहित आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं।
23 और 24 सितंबर को हुई अतिवृष्टि के बाद जिले के कई इलाकों में बाढ़ और जलभराव की स्थिति बनी थी। प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों के साथ स्वास्थ्य शिविर भी संचालित किए जा रहे हैं। जरूरतमंद परिवारों को तात्कालिक सहायता, सूखा राशन और गर्म कपड़े उपलब्ध कराने के साथ जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए पेयजल स्रोतों का क्लोरीनेशन और स्वच्छता संबंधी उपाय किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि राहत के साथ-साथ पुनर्वास कार्यों को भी तेजी से आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि क्षति के आकलन से लेकर सहायता राशि के वितरण तक पूरी प्रक्रिया तत्परता से पूरी हो और कोई पात्र परिवार सहायता से वंचित न रहे।



