हैरान करने वाला मामला: श्मशान घाट में अर्थी पर जीवित हो उठा युवक, दोबारा अस्पताल ले जाने के बाद तोड़ा दम
रायपुर के निजी अस्पताल पर परिजनों ने लगाया बड़ी लापरवाही का आरोप; अंतिम संस्कार की तैयारियों के बीच शरीर में होने लगी थी हलचल

दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से एक बेहद हैरान और विचलित कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां अंधाधुंध डॉक्टरी लापरवाही और कुदरत के करिश्मे का एक अनोखा टकराव देखने को मिला। रायपुर के एक प्रतिष्ठित निजी अस्पताल ने जिस 24 वर्षीय युवक को आधिकारिक तौर पर मृत (डेड) घोषित कर शव परिजनों को सौंप दिया था, श्मशान घाट में उसके अंतिम संस्कार की तैयारियों के बीच अचानक शरीर में हलचल होने लगी। युवक की नब्ज चलती देख परिजनों के बीच हड़कंप मच गया। रिश्तेदारों ने तुरंत अंतिम संस्कार की विधि को बीच में ही रोक दिया और युवक को आनन-फानन में दोबारा अस्पताल लेकर पहुंचे। हालांकि, नियति को कुछ और ही मंजूर था; अस्पताल में दोबारा भर्ती किए जाने के कुछ ही देर बाद युवक ने वास्तव में दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद से आक्रोशित परिजनों ने डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
मिली जानकारी के मुताबिक, दुर्ग निवासी इस युवक का पिछले कुछ दिनों से रायपुर के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में गंभीर बीमारी का इलाज चल रहा था। रविवार को डॉक्टरों ने परिजनों को सूचित किया कि युवक के शरीर के अंगों ने काम करना बंद कर दिया है और उसे मृत घोषित करते हुए डेथ सर्टिफिकेट की औपचारिकताएं शुरू कर दीं। भारी मन से रोते-बिलखते परिजन शव को लेकर दुर्ग स्थित अपने गृह ग्राम पहुंचे। घर में अर्थी सज चुकी थी, शव को अंतिम स्नान कराकर कफ़न ओढ़ाया जा चुका था और श्मशान ले जाने की अंतिम तैयारियां की जा रही थीं। इसी दौरान अचानक वहां मौजूद कुछ रिश्तेदारों की नजर युवक के सीने और हाथों पर पड़ी, जिसमें हल्की हलचल और सुगबुगाहट महसूस हो रही थी।
जब परिजनों ने करीब से देखा तो युवक की सांसें बेहद धीमी गति से चल रही थीं। यह देखते ही मातम भरे माहौल में उम्मीद की किरण जग गई और तुरंत एम्बुलेंस बुलाकर उसे नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने उसे फौरन आईसीयू (ICU) में वेंटिलेटर सपोर्ट पर लिया, लेकिन तब तक उसकी हालत इतनी ज्यादा बिगड़ चुकी थी कि कुछ ही समय बाद डॉक्टरों ने उसे दोबारा मृत घोषित कर दिया। परिजनों का सीधा आरोप है कि रायपुर के अस्पताल के डॉक्टरों ने बिना पूरी जांच किए और बिना गहन मॉनिटरिंग के युवक को पहले ही मृत घोषित कर दिया था, जिसके कारण उसे समय पर सही इलाज नहीं मिल सका और उसकी जान चली गई। इस संवेदनशील मामले के सामने आने के बाद जिला स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय पुलिस ने संज्ञान लिया है और मामले की जांच की बात कही जा रही है।




